याचिका में कहा गया कि छात्रों को जेल तक भेज दिया गया है और सरकार पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
याचिकाकर्ता का कहना था कि स्थानीय पुलिस और एसटीएफ पर उन्हें विश्वास नहीं है। राज्य में बीडीओ भर्ती, लेखपाल भर्ती व पटवारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। यूके पीसीएस की परीक्षाओ में भी घपला हुआ है।
जनहित याचिका में कहा गया कि हिमाचल में कांस्टेबल भर्ती की सीबीआई जांच हुई, जिसके तार देहरादून और हरिद्वार तक जुड़े मिले। हिमाचल सरकार ने उसकी जांच सीबीआई से कराई लेकिन उत्तराखंड सरकार इतने पेपर लीक होने के बाद भी इसकी जांच सीबीआई से नहीं करा रही है। याचिकाकर्ता ने इस प्रकरण की जांव सीबीआई से कराने की मांग की है।