गत 22 अगस्त को अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जाति प्रमाणपत्र स्क्रूटनी कमेटी का गठन किया गया। कमेटी ने गहनता से जांच कर आरोपों पर दोनों पक्षों को विस्तारपूर्वक सुना। कमेटी की पहली बैठक 28 अगस्त को हुई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विधायक देशराज कर्णवाल उत्तराखंड के नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मूल निवासी हैं। 2005 में उनको जारी जाति प्रमाणपत्र को निरस्त करने की उन्होंने मांग की थी।
स्क्रूटनी कमेटी को अवगत कराया गया कि देशराज 1984 से ही मां और भाई के साथ वर्तमान हरिद्वार जिले में निवास करने लगे थे तथा तब से वह लगातार हरिद्वार जिले में रह रहे हैं। 1997 में जिला सेवायोजन कार्यालय हरिद्वार में पंजीकरण का साक्ष्य भी दिया गया।
कमेटी ने पाया कि देशराज कर्णवाल को 2005 में जारी किया गया जाति प्रमाणपत्र पूरी तरह वैध है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जनहित याचिका को खारिज कर दिया।