वहीं, आयुष मंत्रालय की ओर से प्रकृति परीक्षण अभियान भी चलाया गया। पहले चरण में उत्तराखंड में डेढ़ लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण किया गया है। इस अभियान के तहत उत्तरकाशी के महिडांडा जैसे सीमांत इलाके में स्थित आईटीबीपी की पोस्ट तक भी आयुष टीम पहुंची और जवानों का प्रकृति परीक्षण किया। राज्य समन्वयक डाॅ. जेएन नौटियाल के अनुसार, विपरीत भौगोलिक स्थितियों के बावजूद डेढ़ लाख लोगों का उत्तराखंड में प्रकृति परीक्षण किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आयुष के क्षेत्र में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। देश के प्रकृति परीक्षण अभियान को पहले चरण में मिली सफलता उत्साहित करने वाली है। इससे लोगों का जीवन निरोगी व स्वस्थ होगा। मैं इस अभियान से जुड़े सभी लोगों और पुरस्कृत होने वाले विशेषज्ञों को बधाई देता हूं।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री