स्वाइन फ्लू से राजधानी में रविवार को एक मरीज की मौत के साथ ही देहरादून में अब तक स्वाइन फ्लू से मरने वाले की संख्या दो हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग तकनीकी आधार पर इसे भी झुठलाने की कोशिश कर रहा है।
बीमारी से बचाव व नियंत्रण के उपाय करने या उपचार पर विभाग का फोकस नहीं है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी केवल मरीजों और मौतों का आंकड़ा जुटाकर फाइलों का पेट भरने में लगे हुए हैं।
जिले में अब तक 27 मरीजों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद उनके सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें से चार में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है जबकि दो मरीजों की मौत हुई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग नींद से जागने को तैयार नहीं है।
आलम यह है कि लगातार मरीजों और मौतों की संख्या बढ़ने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग बीमारी पर नियंत्रण, बचाव और मरीजों के उपचार को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा फोकस केवल मरीजों की संख्या गिनने, सैंपल जांच के लिए भेजने और मृतकों की संख्या गिनने पर है।
विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण प्राइवेट अस्पताल भी तवज्जो नहीं दे रहे हैं। प्राइवेट अस्पताल विभाग को ना तो मरीजों को भर्ती करने व सैंपल भेजने की रिपोर्ट दे रहे हैं और न ही समय पर उनकी मौत की सूचना। आलम यह है कि हिमालयन अस्पताल ने पांच दिन बाद मरीज की मौत की खबर भेजी तो इंदिरेश अस्पताल ने तीन दिन बाद। अब विभाग अस्पतालों को नोटिस भेजने का दावा कर रहा है।
आंकड़े झुठलाने की कोशिश
बीमारी पर नियंत्रण और उपचार में फेल साबित हो चुका स्वास्थ्य महकमा अब किसी तरह आंकड़ों को झुठलाने की कोशिशों में जुटा है। स्वाइन फ्लू से मरीज की मौत की पुष्टि के बाद विभाग उसे मानने से इंकार कर रहा है। सीएमओ डा. वाईएस थपलियाल के अनुसार, केवल एनसीडीसी से पुष्टि होने के बाद ही स्वाइन फ्लू की पुष्टि की जा सकती है। लेकिन खुद स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिस लैब को स्वाइन फ्लू के टेस्ट की मान्यता दी है, उसकी रिपोर्ट विभाग क्यों नहीं मानता, इसका उनके पास कोई जवाब नहीं है।
अस्पतालों को भेजे नोटिस
सीएमओ डा. वाईएस थपलियाल ने बताया कि बुधवार को उन्होंने सभी अस्पतालों को नोटिस जारी कर संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने, उनके सैंपल और मौत की सूचना समय पर विभाग को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अस्पतालों को 24 घंटे के भीतर सूचना देनी चाहिए। सूचना न देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।