नियोजन विभाग का दावा है कि विकास दर 2019-20 के अनुमान अभी केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय से स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश की 2019-20 की विकास दर का आंकलन कर लिया गया है और यह करीब 5.5 प्रतिशत आंकी गई है।
विकास दर में करीब सवा प्रतिशत की गिरावट को सार्वजनिक करने से बचा गया। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश की विकास दर राष्ट्रीय औसत दर से करीब आधा प्रतिशत अधिक है। देश की विकास दर वर्ष 2019-20 में करीब पांच प्रतिशत रहने का अनुमान था। इस हिसाब से भी प्रदेश की आर्थिक विकास दर 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
वर्ष 2018-19 के आर्थिक सर्वे में सरकार ने वर्ष 2018-19 में विकास दर का अनुमान पेश किया था। उस समय विकास दर 7.03 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। इस बार के आर्थिक सर्वे में यह दर 6.87 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। साफ है कि प्रदेश सरकार को अनुमान संशोधित करना पड़ा और इस अनुमान में भी गिरावट देखने को मिली।
सामान्य रूप से प्रदेश की विकास दर देश की विकास दर से करीब आधा प्रतिशत अधिक ही रहती आई है। केंद्र सरकार ने 2019-20 के लिए विकास दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था, लेकिन अभी यह फाइनल नहीं है। आर्थिक सर्वे में वर्ष 2019-20 का अनुमान शायद इसलिए नहीं दिया गया कि अभी केंद्र से आंकड़ों को फाइनल रूप से जारी नहीं किया गया है।
- अमित नेगी, सचिव नियोजन एवं वित्त
अर्थव्यवस्था सुधरने का अनुमान, लेकिन कोरोना ने बढ़ाई चुनौती
आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 में आगे के वित्तीय वर्षों में अर्थव्यवस्था के मजबूत होने का अनुमान भी जताया गया है। केंद्र सरकार ने भी वर्ष 2020-21 के लिए देश की विकास दर छह से साढ़े छह के बीच में रहने का अनुमान जताया है। केंद्रीय वित्त मंत्री का कहना था कि सरकार विकास दर को बढ़ाने के लिए सख्त वित्तीय प्रबंधन का रास्ता भी अख्तियार करेगी। छोटे प्रदेश उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को अब कोरोना ने भी चुनौती पेश की है।