डीआईटी यूनिवर्सिटी ने छुट्टी के बाद घर जा चुके छात्रों को पढ़ाई के नुकसान को रोकने लिए ई-लर्निंग सिस्टम शुरू कर दिया है। यहां सभी छात्रों के लिए बुधवार से ऑनलाइन लेक्चर की शुरुआत होने जा रही है।
विवि प्रशासन का तर्क है कि छात्रों का लंबे समय तक पढ़ाई से दूर रहना, मुश्किलें पैदा कर सकता है। कोरोना संक्रमण के तहत अभी 31 मार्च तक विवि पूरी तरह से बंद है। केवल शिक्षक ही ऑनलाइन लेक्चर के लिए उपलब्ध रहेंगे।
तीन दिन बाद शुरू होगी ई-क्लासेज
यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस) में भी कैंपस बंद होने के बाद अब ई-लर्निंग शुरू होने जा रही है। यूपीईएस के निदेशक मीडिया अफेयर्स अरुण ढांड ने बताया कि बुधवार से ऑनलाइन एजुकेशन शुरू होने जा रही है।
उसका फॉर्मेट एक-दो दिन में तय कर दिया जाएगा। हम लोग यूजीसी से भी इंतजार कर रहे हैं कि वहां से क्या दिशा-निर्देश आते हैं। क्योंकि ऑनलाइन एजुकेशन की यूजीसी में स्वीकृति देखी जाएगी।
डीएम के आदेश के बाद सभी कोचिंग संस्थान भी बंद हो गए हैं। यहां तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अप्रैल और मई में उनकी प्रवेश परीक्षाएं होनी हैं। इस चुनौती से पार पाने के लिए कोचिंग संस्थानों ने तोड़ निकाल लिया है।
अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा ने बताया कि छात्रों को ऑनलाइन लेक्चर दिए जा रहे हैं। वीडियो लेक्चर रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। प्रश्न पत्र ई-मेल के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। किसी भी जानकारी के लिए शिक्षक संस्थान में उपलब्ध हैं।
अचीवर्ज क्लासेज के सीईओ मनु पंत ने बताया कि उन्होंने कोरोना संक्रमण के बीच ‘कोचिंग एट योर होम’ की शुरुआत की है। छात्र घर बैठे ही आसानी से तैयारी कर सकते हैं। बलूनी क्लासेज के एमडी विपिन बलूनी ने बताया कि सभी पेपर वेबसाइट पर अपलोड किए जा रहे हैं। वॉट्स एप ग्रुप बनाकर छात्रों को सवाल दिए जा रहे हैं, उनकी समस्याओं का हल भी किया जा रहा है। टीचर उपलब्ध हैं।