वित्त मंत्री प्रकाश पंत के आश्वासन के बावजूद सामूहिक अवकाश पर रहे कर्मचारियों का वेतन पांचवें दिन भी जारी नहीं हो पाया है। कोषागारों ने उन कर्मचारियों का वेतन भी लटका दिया है, जो सामूहिक अवकाश पर नहीं रहे थे। सचिवालय में आलाधिकारियों के अलावा निचले स्तर के किसी भी कर्मचारी को वेतन नहीं मिला है। समन्वय समिति ने अगली रणनीति तय करने को बुधवार को सचिवालय स्थित संघ भवन में आपात बैठक आहूत की है।
मंगलवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय समिति ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से मुलाकात कर कर्मचारियों का पूरे महीने का वेतन लटकाने को उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करार दिया और मामले में वित्त विभाग को आदेश जारी करने का अनुरोध किया। वहीं, समन्वय समिति ने फिर आंदोलन शुरू करने के संकेत दिए हैं। समिति की बुधवार को आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार होगा।
सोमवार को वित्त मंत्री प्रकाश पंत से मुलाकात के बाद समिति मंगलवार को वेतन जारी होने को लेकर आश्वस्त थी, लेकिन देर शाम तक कर्मचारियों को वेतन जारी नहीं किया गया। वेतन उन कर्मचारियों का भी रोक दिया गया है, जिन्होंने सामूहिक अवकाश नहीं लिया था। इसकी वजह अवकाश न लेने वाले कर्मचारियों का चिन्हीकरण न हो पाना बताया जा रहा है। समिति संयोजक मंडल के सदस्य नवीन कांडपाल के मुताबिक पूरे प्रदेश से कर्मचारियों ने उन्हें सूचना दी कि एक दिन के सामूहिक अवकाश के बदले पूरे 30 दिन का वेतन रोक दिया गया है। वहीं, उत्तराखंड सचिवालय संघ के महासचिव राकेश जोशी के मुताबिक वेतन रोके जाने से सचिवालय कर्मियों में असंतोष बढ़ रहा है और अब संघ आम सभा बुलाने पर विचार कर रहा है।
कार्मिक विभाग ने प्रक्रिया की शुरू
उधर, कार्मिक विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव कार्मिक ने विभाग को कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। वेतन आहरण के संबंध में फाइल मंगलवार को मुख्य सचिव के पास पहुंच गई थी। इस पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद बुधवार को आदेश जारी होने की संभावना है।
ब्योरा देने में हिचक रहे अनुभाग अधिकारी
सचिवालय प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार सभी अनुभाग अधिकारियों को अपने अनुभागों में कार्यरत कर्मचारियों के बारे में यह जानकारी देनी है कि वे अनुभाग में उपस्थित थे कि नहीं। जो उपस्थित थे, उन्होंने अनुभागों में कार्य किया या नहीं। इस विवरण को देने में ज्यादातर अनुभाग अधिकारी हिचक रहे हैं।
समन्वय समिति ने आपात बैठक बुलाई
सामूहिक अवकाश पर रहे कर्मचारियों का वेतन रोके जाने से नाराज उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने संयोजक मंडल की बुधवार को आपात बैठक बुला ली है। बुधवार को सरकार यदि वेतन जारी नहीं करती है तो समन्वय समिति एक बार फिर आंदोलन का एलान कर सकती है। समिति के संयोजक दीपक जोशी ने बताया कि वित्त मंत्री से वार्ता में सरकार ने यह वादा किया था कि कर्मचारियों का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा, लेकिन कर्मचारियों का वेतन रोक कर सरकार अपने वादे को तोड़ रही है।
इनको मिल गया जनवरी का वेतन
सभी आईएएस, आईपीएस, पीसीएस और पीपीएस अफसरों के साथ ही शिक्षा विभाग और पुलिस महकमे के कर्मचारियों को माह जनवरी का वेतन पहले ही जारी कर दिया गया है। इनके अलावा अन्य सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। सचिवालय संवर्ग के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी वेतन का इंतजार कर रहे हैं।
नियमानुसार कार्रवाई होगी: मुख्य सचिव
सामूहिक अवकाश पर रहे कर्मचारियों का वेतन रोके जाने के संबंध में जब मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से पूछा गया तो उनका कहना था कि इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। सरकार इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
मुख्य सचिव ने आश्वस्त किया है कि मामले का समाधान कर दिया जाएगा। हमें भरोसा है कि वित्त मंत्री और मुख्य सचिव वेतन आहरण के आदेश देंगे।
-राकेश जोशी, संयोजक, उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी समन्वय समिति
वार्ता में सरकार ने वादा किया था कि किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहे कर्मचारियों का 30 दिन वेतन रोकना उत्पीड़न जैसा ही है, कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे रहा है।
- नवीन कांडपाल, संयोजक, समन्वय समिति