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महामहिम ने कहा आई डोंट नो इंग्लिश!

Wed, 21 May 2014 03:00 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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आई डोंट नो इंग्लिश! देहरादून के राजभवन आडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में अंग्रेजी बोलने पर राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने संचालिका को इसी अंदाज में टोका।
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इमेज क्रिएशन कंपीटिशन के पुरस्कार वितरण समारोह में वे बोले तुम्हें हिंदी नहीं आती क्या। राज्यपाल की आपत्ति के बाद कार्यक्रम हिंदीमय हो गया।

राज्यपाल का हिंदी प्रेम देख पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में बॉलीवुड एक्टर टॉम आल्टर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

युवा प्रतिभाओं को आर्थिक मदद देने की जरूरत

राज्यपाल अजीज कुरैशी ने कहा कि वे राज्य में गठित फिल्म विकास निगम को फिल्म वित्तीय विकास निगम में तब्दील कराने का प्रयास करेंगे ताकि उभरती युवा प्रतिभाओं को आर्थिक मदद दी जा सके।

आयोजक शिव पैन्युली ने बताया कि उभरते हुए फिल्म मेकर्स को इस काम के विभिन्न आयामों से रूबरू कराने के लिए यह प्रतियोगिता कराई गई।

इसमें छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण विषय पर पांच मिनट की डाक्यूमेंट्री डोक्यूमेंट्री पेश की। टॉम आल्टर, अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी आदि ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

टॉम ने भी टोका

कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने मंच से कहा कि टॉम आल्टर की वजह से मसूरी जानी जाती है।

इस पर उन्होंने आपत्ति जताई और कहा कि मसूरी की वजह से मैं जाना जाता हूं। टॉम आल्टर ने कहा कि जल्द ही गढ़वाली टच की एक हिंदी फिल्म बनाई जाएगी।

स्टोरी भी उत्तराखंड की ही होगी और शूटिंग भी यहीं होगी। फिल्म हिंदी में इसलिए होगी ताकि इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो सके।

15 घंटे में साइकिल पर दून से दिल्ली
कार्यक्रम में साइकिल नाम से बनी डाक्यूमेंट्री को गोल्ड अवार्ड मिला। इसे देखने के बाद टॉम आल्टर ने एक किस्सा साझा किया।

1967 में टॉम शहंशाही आश्रम (राजपुर) मसीही केंद्र में रहते थे और रोज परेड ग्राउंड तक खेलने साइकिल पर आते थे। उनके चाचा ने एक बार उन्हें 24 घंटे के भीतर साइकिल पर दिल्ली पहुंचने का चैलेंज दिया।

शर्त जीतने पर हर घंटे के हिसाब से तीन रुपए का इनाम तय था। टॉम के अनुसार वे अपने दोस्त पॉल के साथ साइकिल पर शहंशाही आश्रम से दिल्ली सब्जी मंडी 15 घंटे में पहुंच गए।
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अब कहां है गर्लफ्रैंड...

टॉम आल्टर ने बताया कि शर्त जीतने के बाद मिले पैसे उन्होंने अपनी गर्लफ्रैंड पर खर्च किए थे।

इस पर राज्यपाल ने चुटकी लेते हुए पूछा कि ...अब कहां है गर्लफ्रैंड? टॉम बोले.. अब भी है, जरा कार्यक्रम निपटने दीजिए तो आपको धीरे से सब बताता हूं।

मुख्य अवॉर्ड
गोल्ड अवॉर्ड - श्वेता प्रोडक्शन की ‘साइकिल’ डाक्यूमेंट्री
सिल्वर अवॉर्ड - एनीमेटर प्रोडक्शन की ‘वातावरण’ डाक्यूमेंट्री
ब्रोंज अवॉर्ड - शिल्पा प्रोडक्शन की ‘दो बूंद जिंदगी की’ डाक्यूमेंट्री
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