उत्तराखंड के राज्यपाल डा.अजीज कुरैशी का कहना है कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगा। हाल के महीनों में उनके कथित बयानों ने ही उनकी मुश्किलें बढ़ाई हैं। केंद्र से उन्हें इस्तीफा देने का दबाव लगातार बना हुआ है।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत में डा. कुरैशी ने स्पष्ट किया कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने अपने बयानों को लेकर उठे विवाद पर कहा कि मेरे पूरे बयान को देखना चाहिए जिससे स्पष्ट होगा कि किस संदर्भ क्या कहा।
राज्यपाल ने इस बात का खुलासा किया है कि 30 जून को पहली बार गृह सचिव ने उन्हें बयान के लिए फोन किया था। तब मैंने स्पष्ट किया था कि ऐसा कुछ भी नहीं कहा। जिसके बाद मैंने बयान की सीडी राष्ट्रपति और गृह मंत्रालय को भी दिखाई थी।
नरेंद्र मोदी नहीं जानते पूरी बात
उन्होंने बताया कि रविवार को फिर गृह सचिव ने टेलीफोन पर इस्तीफे की बात कही। जिस पर मैंने स्पष्ट कर दिया है कि मैं इस्तीफा नहीं दूंगा। हालांकि राज्यपाल का कहना है कि इस मामले की जानकारी हो सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न हो।
केंद्र में सरकार बदलने के बाद से ही अन्य राज्यपालों की तरह डा. अजीज कुरैशी को भी हटाए जाने की खबरें आनी शुरू हो गई हैं।
हालांकि जिस समय देश के अन्य राज्यपालों को बदलने का काम शुरू हुआ था उसी दौरान डा. कुरैशी को यूपी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया। उससे इस बात के संकेत मिलने लगे कि केंद्र की मोदी सरकार अल्पसंख्यक समुदाय में मैसेज देना चाहती है।
बेनीवाल की राह पर राज्यपाल कुरैशी
डा. कुरैशी ने भी गुजरात की राज्यपाल रहीं कमला बेनीबाल की राह पर चल दिए हैं। बेनीवाल ने भी इस्तीफा न देने की बात कही थी। जिसके बाद उन्हें मिजोरम का राज्यपाल बनाकर भेज दिया गया था। जिसके बाद बेनीवाल मिजोरम चली गई और बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
21 जून, लखनऊ में दिया बयान
तब- भगवान भी नहीं रोक सकता है यूपी में रेप
अब- मेरे बयान की पूरी सीडी को देखना चाहिए। जिसे मैंने बाद में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और गृह मंत्रालय को भी दिखाया है। मैंन कहा था कि सामाजिक जागरूकता से ही इस तरह के अपराध रोके जा सकते हैं। पूरी पुलिस या सेना लगाने से भी नहीं ऐसे अपराध नहीं रोके जा सकते हैं। अधिकारी भगवान के रूप में आए जाएं तभी संभव है। दिल्ली में महिला पत्रकार पर दिए कथित विवादित बयान पर उनका कहना है ऐसी महिला से तो भगवान ही बचाए।