उत्तराखंड सरकार के पेट्रोल और डीजल पर वैट बढ़ाने के फैसले से कांग्रेस प्रदेश संगठन सहमत नहीं है।
संगठन का कहना है कि वैट बढ़ने से महंगाई भी बढ़ जाती है। सरकार से अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय जल्द ही सीएम हरीश रावत से मिलेंगे।
किशोर के मुताबिक कांग्रेस के 2012 विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में पेट्रोल और डीजल को वैट मुक्त करने का वादा भी शामिल है। इसके उलट भगवानपुर में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में वैट बढ़ाने का फैसला लिया गया।
नीति नियोजन समूह की बैठक के बाद भी सीएम हरीश रावत ने कहा कि जल्द ही इसका आदेश जारी कर दिया जाएगा। प्रदेश सरकार की मंशा डीजल पर वैट कम करने और पेट्रोल पर बढ़ाने की है। किशोर के मुताबिक प्रदेश सरकार से आग्रह किया जाएगा कि प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए अन्य तरीकों को अपनाया जाए।
सरकार के लिए भी आसान नहीं होगा फैसला पलटना
पेट्रोल और डीजल के वैट में बदलाव का फैसला टालना भी सरकार के लिए आसान नहीं होगा। कारण यह भी है कि सरकार ने यह फैसला पड़ोसी राज्यों के साथ बनी सहमति के कारण लिया था।
दिल्ली में विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक में पेट्रोल की कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों में एक समान दर लागू करने की बात तय हुई थी। दिल्ली, हरियाणा ने तो अपने यहां वैट की दर बदल भी दी है।