निकाय चुनाव की आचार संहिता के चलते इस बार दिवाली बोनस पर सस्पेंस बना हुआ था। वित्त विभाग ने दिवाली के बाद बोनस जारी करने के संकेत दिए थे। इससे असहज राज्य निगम कर्मचारी-अधिकारी महासंघ, राज्य सचिवालय समीक्षा अधिकारी संघ व अन्य कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से दिवाली से पूर्व बोनस देने का अनुरोध किया था। इस पर सीएम ने वित्त विभाग को बोनस की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने राज्य निर्वाचन आयोग से बोनस के प्रस्ताव पर संस्तुति लेने के बाद बुधवार को इसके आदेश जारी करा दिए।
उनके निर्देश पर अपर सचिव (वित्त) अरुणेंद्र सिंह चौहान ने शासनादेश जारी किया। शासनादेश के मुताबिक, केंद्र सरकार की तर्ज पर उन सभी समूह ग और घ श्रेणी के अराजपत्रित कर्मचारियों को दिवाली बोनस का लाभ मिलेगा, जिनका ग्रेड वेतन 4800 रुपये तक है। ये लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जिन्होंने 31 मार्च 2018 तक न्यूनतम छह माह की सेवा दी हो।
औद्योगिक विकास विभाग ने सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों व निकायों में कार्यरत करीब 40 हजार कर्मियों के महंगाई भत्ते (डीए) में दो फीसदी की वृद्धि करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ ने यह मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था। सीएम के आदेश के बाद बुधवार को प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास मनीषा पंवार ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए। जारी आदेश के तहत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर सात फीसदी से बढ़कर नौ फीसदी हो गई है। महंगाई भत्ते का लाभ एक जुलाई 2018 से अनुमन्य होगा।