फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: जीएसटी भरपाई के एवज में बाजार से उधार लेगी सरकार, अब तक ले चुकी 1600 करोड़ रुपये

Sun, 13 Sep 2020 07:09 PM IST
अलका त्यागी सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • लाभ : मूलधन और ब्याज नहीं चुकाना होगा उत्तराखंड को 
  • केंद्र सरकार के पहले विकल्प की बाबत केंद्र को भेजा प्रस्ताव
विज्ञापन
रुपये - फोटो : pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड सरकार ने जीएसटी प्रतिपूर्ति के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिए गए पहले विकल्प पर सहमति दे दी है। इस विकल्प के तहत प्रदेश सरकार जीएसटी प्रतिपूर्ति के एवज में बाजार से उधार पैसा लेगी। इसका फायदा यह है कि उठाए गए पैसे पर सरकार को मूलधन और ब्याज नहीं चुकता करना होगा। यह 2022 के बाद जीएसटी संग्रह के सेस से किया जाएगा। यह पैसा राज्य की बाजार उधारी की सीमा में भी नहीं गिना जाएगा।

विज्ञापन


कुछ दिन पहले ही केंद्र ने जीएसटी की प्रतिपूर्ति के लिए राज्यों के सामने दो विकल्प रखे थे। इसमें पहले विकल्प पर उत्तराखंड ने सहमति दी है। दूसरा विकल्प था कि प्रतिपूर्ति की सारी धनराशि के बराबर राज्य बाजार से पैसा उठा ले। केंद्र सरकार के इन दोनों ही विकल्पों का कई राज्य विरोध भी कर रहे हैं और इस कारण गतिरोध भी बना हुआ है। 

क्या है विवाद का कारण
2016 में केंद्र सरकार ने जीएसटी प्रतिपूर्ति का कानून बनाया था। इसके तहत 2016 के आधार वर्ष से 14 प्रतिशत जीएसटी मेें विकास दर को मानते हुए राज्यों को जीएसटी लागू करने पर कर संग्रह में कमी की भरपाई करनी थी। वर्ष 2020 -21 के लिए उत्तराखंड की यह प्रतिपूर्ति करीब 2200 करोड़ है। केंद्र यह भरपाई जीएसटी संग्रह पर लगाए गए सेस से करता है। केंद्र का कहना है कोविड के कारण जीएसटी संग्रह कम हो रहा है और इस कारण प्रतिपूर्ति देना संभव नहीं है। राज्य बाजार से प्रतिपूर्ति के बराबर उधार उठाएं। राज्यों का कहना है कि केंद्र सरकार बाजार से पैसा उठाकर भरपाई करे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तराखंड ने अभी तक 1600 करोड़ रुपये लिया

प्रदेश सरकार ने अभी तक बाजार से करीब 1600 करोड़ रुपये लिए हैं। प्रदेश की बाजार उधारी सीमा करीब 12000 करोड़ रुपये है। अब जीएसटी प्रतिपूर्ति का पहला विकल्प चुनने पर प्रदेश सरकार की बाजार उधारी सीमा पर फर्क नहीं  पड़ेगा। जीएसटी प्रतिपूर्ति कितनी होगी यह तय होना अभी बाकी है। 

इसमें नुकसान क्या है
केंद्र सरकार का कहना है कि जीएसटी संग्रह में कुछ नुकसान कोविड के कारण है। यह नुकसान सभी राज्यों के लिए करीब 97 हजार करोड़ रुपये है। वैसे कुल नुकसान 2.35 लाख करोड़ का है। इस हिसाब से राज्यों को जीएसटी की प्रतिपूर्ति कम मिलेगी।

केंद्र सरकार ने राज्यों को दो विकल्प दिए थे। राज्य सरकार ने पहला विकल्प चुना है। सहमति का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इसमें कितने की प्रतिपूर्ति होगी यह तय होना अभी बाकी है। इतना जरूर है कि बाजार से उधार भी केंद्र सरकार की ओर से तय की गई विशेष व्यवस्था के तहत ही लिया जाएगा।
अमित सिंह नेगी , सचिव वित्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें