उत्तराखंड में कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मियों की हड़ताल के मद्देनजर राज्य सरकार ने प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया है। लेकिन प्रथम चरण में बुधवार तक नो वर्क नो पे का फार्मूला अपनाया गया है।
यदि गुरुवार को कर्मी काम पर नहीं लौटे तो फिर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बीच यदि बातचीत से समाधान हो जाता है तो ठीक है वर्ना अगली कार्रवाई के तहत वैकल्पिक व्यवस्था कर टर्मिनेशन की कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव नागरान रविशंकर ने सभी विभागों को भेजे गए आदेश में स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश के क्रम में एस्मा को लागू कर दिया गया है।
पहले तीन दिन यानि बुधवार तक का समय नो वर्क नो पे का होगा। यह माना गया है कि इस दौरान यदि हड़ताली वापस आ गए तो आदेश वापस ले लिया जाएगा। लेकिन यदि काम पर नहीं लौटे तो फिर राहत मिलना मुश्किल है।
मुख्य सचिव ने विभागों को भेजे आदेश में कहा कि हड़ताल व कार्य बहिष्कार पर रहने वाले कर्मियों का वेतन भुगतान ना करे और आहरण वितरण अधिकारी, कोषागार को भी अवगत कराएं।