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उत्तराखंड में 15 अगस्त से 20 रुपए में मिलेगा भर पेट खाना

Fri, 14 Aug 2015 03:55 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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20 रुपए में चार रोटी, चावल, दाल-सब्जी, चटनी और आचार.... महंगाई के इस जमाने में इस पर यकीन करना भले ही आपको मुश्किल लगे, लेकिन उत्तराखंड सरकार इस 15 अगस्त से सभी के लिए ये सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है।
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घंटाघर के समीप एमडीडीए कांप्लेक्स में इंद्रामा कैंटीन का स्वतंत्रता दिवस के दिन मुख्यमंत्री हरीश रावत उद्घाटन करने जा रहे हैं, इसके साथ ही लोगों को इस कैंटीन में 20 रुपये की इंद्रामा थाली मिलने लगेगी। हालांकि, इस कैंटीन में थाली की पैकिंग की कोई सुविधा नहीं होगी।

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप देने के लिए इन दिनों एमडीडीए कांप्लेक्स में कैंटीन को पूरी तरह से सुसज्जित करने के लिए दिन-रात काम चल रहा है। गुरुवार को अधिकारी कैंटीन की साज सज्जा और मेन्यू को लेकर मंथन करते रहे। यूपी निर्माण निगम के इंजीनियर और दूसरे कर्मचारी भी कैंटीन में काम पर लगे रहे।
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दोपहर के वक्त राजपुर रोड के विधायक राजकुमार ने भी कैंटीन का निरीक्षण किया। इसके अलावा शहरी विकास, जिला प्रशासन, एमडीडीए भी कैंटीन भवन में चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति परखते रहे। कैंटीन के बाहर फुलवारी भी तैयार की जा रही है।

मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि कैंटीन में साफ सफाई और भोजन की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

इंद्रामा कैंटीन में खास :
- इंद्रामा थाली कोई भी व्यक्ति ले सकता है।
- कैंटीन में बैठकर ले सकते हैं थाली का स्वाद। पैकिंग की सुविधा नहीं।
- कैंटीन के बायीं तरफ वाहन पार्किंग है। यहां 45 मिनट के लिए वाहन निशुल्क पार्क कर सकते हैं।
- शुरूआत में कैंटीन सुबह नौ से शाम चार बजे तक खुली रहेगी।
- कैंटीन में 24 लोगों को कुर्सी-मेज और 16 लोगों को स्टेंडिंग में एक साथ इंद्रामा थाली परोसी जा सकेगी।
- कैंटीन के संचालन की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी गई है।
- फिलहाल दुकान के किराये, एलपीजी गैस के इस्तेमाल, उस पर सब्सिडी आदि के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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अब कैंटीन में मिलेगी ‘मां’ के हाथ की रोटी

मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून

जल्द ही सरकारी दफ्तरों की कैंटीन महिलाएं चलाती नजर आएंगी। कैंटीन में तवा रोटी, चटनी, अचार के अलावा विभिन्न स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी मिल सकेगा। दून के सरस मार्केटिंग सेंटर की कैंटीन से इसकी शुरूआत होनी है। इसे ‘मॉडल कैंटीन’ के रूप में लिया जाएगा।

उत्तराखंड सरकार की स्थानीय खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना से विभिन्न सरकारी विभागों की कैंटीनों को भी जोड़ा जा रहा है। योजना के तहत इन कैंटीनों का जिम्मा राज्य की महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजीएस) को दिया जाना है।

दून के विकास भवन में स्थित सरस मार्केटिंग सेंटर की कैंटीन के लिए अधिकारियों ने एसएचजीएस की महिला लीडरों से बात भी कर ली है। स्वतंत्रता दिवस के बाद कैंटीन को एसएचजीएस के सुपुर्द करने की औपचारिकता पूरी कर ली जाएगी।

कैंटीन में रूटीन में रोटी, चावल, सब्जी, चाय आदि चीजें तो मिलेंगी, साथ ही रोटेशन में मंडुवे की रोटी, झंगोरे की खीर जैसे स्थानीय व्यंजन भी बनाए जाएंगे। एसएचजीएस द्वारा निर्मित अचार, चटनी, मुरब्बा आदि का स्वाद भी मिल पाएगा। बाद में इसे दूसरे विभागों की कैंटीन में शुरू किया जाएगा।

सरस की कैंटीन को मॉडल के रूप में लिया जा रहा है। सरकार के इस कदम से जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर होने में सहयोग मिलेगा। वहीं, स्थानीय उत्पादों की खरीद बढ़ेगी तो किसानों को भी इसका फायदा होगा। साथ ही कैंटीन में स्वच्छ और स्वादिष्ट खाना भी मिल सकेगा।
- आलोक कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
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