उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के दो हजार से अधिक मोटर व झूला पुलों का सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत तीन सप्ताह में पुलों की मरम्मत के संबंध में प्रस्ताव मांगे हैं। शासन ने गुजरात में हुए झूला पुल हादसे के बाद ये निर्देश दिए हैं।
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प्रमुख सचिव लोनिवि (आरके सुधांशु) ने इस संबंध में प्रमुख अभियंता (लोनिवि) अयाज अहमद को निर्देश जारी कर दिए हैं। कहा गया है कि पुलों की उचित देखरेख न होने, इनके नजदीक साइनेज न होने, भार क्षमता से अधिक यातायात संचालित होने से देश व प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पुल टूट गए, इससे जान-माल की क्षति हुई।
प्रमुख अभियंता को ताकीद किया गया है कि वह सक्षम इंजीनियरों से जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट करवाएंगे। पुलों के पास साइनेज लगाने की उचित व्यवस्था की जाएगी। पुलों पर किसी भी तरह के हादसे की स्थिति में संबंधित अधिशासी अभियंता पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।
उत्तराखंड में पुलों का विवरण
- 105 बड़े मोटर पुल
- 550 छोटे मोटर पुल
- 537 बड़े पैदल पुल
- 817 छोटे पैदल पुल
- 2009 पुलों का होना है सेफ्टी ऑडिट
पुराने और जर्जर पुल बदले जाएंगे
- 436 पुराने और जर्जर पुल हैं प्रदेश में
- 207 पुल राज्य मार्गों पर बने हैं
- 65 पुल मुख्य जिला मार्गों पर हैं
- 60 पुल अन्य जिला मार्गों पर हैं
- 104 पुल ग्रामीण मार्गों पर बने हैं