फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार का दावा, हरिद्वार से लेकर बद्रीनाथ तक स्थापित कर दिए गए हैं सीवर ट्रीटमेंट प्लांट

Thu, 07 Mar 2019 10:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
court
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में शपथपत्र पेश कर दावा किया है कि गंगा के पानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए हरिद्वार से लेकर बद्रीनाथ तक कई स्थानों में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित कर दिए गए हैं। सरकार के जवाब से संतुष्ट मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खंडपीठ ने दिल्ली निवासी अजय गौतम की याचिका निस्तारित की। 

विज्ञापन


पूर्व में अजय गौतम ने हाईकोर्ट को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि गंगा और यमुना का पानी आचमन योग्य भी नहीं रह गया है। हाईकोर्ट ने इस पत्र का संज्ञान लेकर सरकार से पूछा था कि गंगा और यमुना के पानी को शुद्ध करने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

विज्ञापन

सरकार की ओर से बुधवार को कोर्ट में पेश किए गए शपथपत्र में कहा गया कि गंगा और यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कई तरह से काम किया जा रहा है। हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनीकीरेती, तपोवन, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, बद्रीनाथ, केदारनाथ सहित अन्य स्थानों में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं। 

याची का कहना था कि गंगा और यमुना नदी पर करोड़ों हिंदू लोगों की आस्था है। हिंदू रोज गंगा और यमुना नदी के पवित्र जल से आचमन व इस जल को मंदिरों में चढ़ाते है। गंगा और यमुना का पानी आचमन योग्य नही रह गया है और गंगा में जगह जगह गंदगी डाली जा रही है। कई जगह से सीवर का पानी भी गंगा में डाला जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें