ऐन विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड सरकार बड़ी संख्या में लोगों को दायित्व बांट रही है। माना जा रहा है कि दायित्व देकर उन लोगों के विधानसभा चुनाव से पहले साधने का प्रयास किया जा रहा है।
इसमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि दायित्व देकर उन्हें टिकट के दावेदारों की कतार से साइडलाइन किया गया है। दूसरी ओर संभावित दावेदार इस तर्क से बिल्कुल भी इत्तेफाक नहीं रखते। उनका मानना है कि दायित्व देकर सरकार ने उन्हें वेटेज दिया है, जिसका फायदा उन्हें टिकट वितरण के दौरान मिलेगा।
पिछले कुछ माह के दौरान सरकार ने कई ऐसे लोगों को दायित्व दिया है, जो विधानसभा चुनाव में टिकट के बेहद सशक्त दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी के भीतर ही एक धड़ा मान रहा है कि ठीक चुनाव से पहले मिले इन दायित्वों का बहुत ज्यादा फायदा नहीं है। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कभी भी आचार संहिता लग सकती है।
ऐसे में यह दायित्व केवल उन्हें कुछ समय चुप रखने और टिकट की दावेदारी से दूर रखने का प्रयास भी हो सकता है। इसमें पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व डीडीहाट से मथुरा प्रसाद जोशी, पूर्व विधायक व मसूरी से जोत सिंह गुनसोला, पूर्व कैबिनेट मंत्री व रुद्रपुर से तिलक राज बेहड, हरिद्वार से चौधरी राजेंद्र सिंह, देहरादून से डा. आरपी रतूड़ी, अल्मोड़ा से हरीश भाकुनी, हल्द्वानी से हुकम सिंह कुंवर समेत कई अन्य बड़े नाम शामिल हैं।
मैंने धनोल्टी विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी की है। सरकार ने मेरी क्षमताओं पर विश्वास करते हुए मुझे महत्वपूर्ण दायित्व दिया है। इससे विधानसभा टिकट की दावेदारी में मेरा प्रोफाइल बेहतर हुआ है।
- जोत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी
कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठता और कार्यों के आधार पर दायित्व दिया है। केवल 70 लोगों को ही टिकट दिया जा सकता है। दायित्व देने से हमारी दावेदारी कमजोर नहीं हुई लेकिन पार्टी जिसे टिकट देगी, हम उसके साथ काम करेंगे।
- मथुरा प्रसाद जोशी, मुख्य प्रवक्ता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी