अध्यादेश समस्त विभागों, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित किया है। इसी के आधार पर भर्तियों के लिए विज्ञापन जारी होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के पक्ष में उत्तराखंड राज्य के उन स्थायी निवासियों को आरक्षण प्राप्त होगा, जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की मौजूदा योजना के अंतर्गत शामिल नहीं हैं।
ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के व्यक्ति जिनके परिवारों की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम हो आरक्षण के इस प्रयोजन के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में चिन्हित हैं। आय की गणना वेतन, कृषि, व्यवसाय, पेशा आदि से प्राप्त आय शामिल की गई है। लाभार्थी को आवेदन के लिए वर्ष से पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए आय से संबंधित दस्तावेज देने होंगे।