गौरव की हत्या करने के बाद ऑनर किलिंग के नाम पर विवाहिता को मार डालने की अफवाह भी क्षेत्र में फैल गई। वारदात को अंजाम देने के बाद एक आरोपी थाना कुंडा के ग्राम गढ़ीनेगी निवासी दलजीत सिंह ने कुंडेश्वरी पुलिस चौकी में सरेंडर कर दिया। मृतक के परिजनों ने उससे कहा कि तुम लोगों ने गौरव की तो हत्या कर दी लेकिन लड़की को क्यों छोड़ा। इसके जवाब में आरोपी ने कहा कि हमने लड़की को भी मार दिया है। इस बात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी करने पर पता लगा कि युवती सुरक्षित है।
सुरजीत ने दो साल में खोए दो जवान बेटे
दो साल के अंतराल में सुरजीत सिंह के परिवार का दूसरा चिराग बुझ गया। सुरजीत का बड़ा बेटा बंटी पीआरडी में था। करीब दो साल पहले बीमारी के चलते उसका निधन हो गया था। सोमवार को गौरव की हत्या के बाद सुरजीत के परिवार को दूसरे बेटे की मौत से बड़ा झटका लगा है। जवान बेटे की मौत से सुरजीत और उसकी पत्नी बूंदा देवी का हाल बेहाल है। भाई की मौत से दोनों बहनों स्वाति और रेखा बेसुध हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गौरव हंसमुख और मिलनसार स्वभाव का था।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
गौरव हत्याकांड में तहरीर के आधार पर पुलिस ने थाना कुंडा के ग्राम गढ़ीनेगी निवासी दलजीत सिंह, उसके भाई मंजीत सिंह, गोविंदनगर खत्ता निवासी महेंद्र सिंह, उसके बेटे पुत्रों संदीप सिंह व सोनू सिंह, भीमनगर निवासी काला सिंह और ग्राम सेमलपुरी निवासी संदीप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
गौरव हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्राम गुलजारपुर और बाजावाला के ग्रामीणों ने शव पुलिस चौकी के सामने ले जाकर जाम लगाया और प्रदर्शन करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। पोस्टमार्टम होने के बाद ग्रामीण शव को एंबुलेंस में रखकर वाहन को लेकर कुंडेश्वरी चौकी पहुंचे।
उन्होंने एंबुलेंस पुलिस चौकी के सामने खड़ी कर दी। प्रदर्शनकारी सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। गिरफ्तारी में देरी को लेकर ग्रामीणों की सीओ मनोज ठाकुर और कोतवाल चंद्रमोहन सिंह से कहासुनी भी हुई।
सीओ मनोज ने उन्हें जल्द से जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नही थे। काफी समझाने के बाद ग्रामीण वहां हटने को राजी हुए। उन्होंने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे की मोहलत दी है।
गौरव हत्याकांड के मुख्य आरोपी दलजीत सिंह ने पुलिस चौकी पहुंचकर सरेंडर कर दिया है। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित की गई है।
- मनोज ठाकुर, सीओ, काशीपुर।