संतकबीरनगर जिले के कोतवाली क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में पुलिस की पिटाई से युवक की मौत की अफवाह पर रविवार की देर शाम ग्रामीण उग्र हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस को दौड़ा दिया और जीप पर पत्थर भी फेंके। पुलिस जीप लेकर भाग निकली। इधर सूचना पर रात में ही डीएम, एसपी, एएसपी, सीओ समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सात जुलाई को गिरधरपुर गांव में एक शख्स के घर में छेड़खानी की नीयत से घुसने की सूचना पर 112 नंबर पुलिस ने काशीराम को पकड़ कर कोतवाली ले गई थी। पुलिस ने काशीराम का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया था। एसडीएम कोर्ट से जमानत पर काशीराम छूटा और घर गया।
छेड़खानी के मामले में ही रविवार की देर शाम दोनों पक्षों में विवाद हो गया। विपक्षियों की पिटाई से काशीराम घायल हो गया। सूचना पर मगहर चौकी इंचार्ज आनंद सिंह सहयोगी पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। चौकी इंचार्ज ने दोनों पक्षों को समझाया। उसी दौरान घायल काशीराम बेहोश हो गया।
किसी ने पुलिस की पिटाई से काशीराम की मौत होने की अफवाह फैला दी। जिसकी सूचना पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस को दौड़ा लिया। पुलिस जीप लेकर भागने लगी तो ग्रामीणों ने जीप पर ईंट-पत्थर फेंका। इधर सूचना पर डीएम, एसपी, एएसपी, सीओ, कोतवाल मौके पर पहुंच गए।
पड़ोसी से हुआ था झगड़ा
घायल को पुलिस ने जिला अस्पताल भेजवाया। प्रकरण डीजीपी कार्यालय तक पहुंच गया। रात में आईजी बस्ती भी जिला अस्पताल पहुंच गए और घायल के परिजनों से पूछताछ की।
घायल के पिता रामपत का आरोप है कि गांव के साधु, रामसरन, प्रहलाद, कोमल और सुन्नर गोलबंद होकर पुरानी बात को लेकर बेटे काशीराम (20) को घेर कर कर लाठी-डंडे से मारपीट कर घायल कर दिए। पिटाई से बेटा बेहोश हो गया। शोर सुनकर भाई गौरीशंकर मौके पर गए और देखा की काशीराम बेहोश पड़ा था। बाद में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं एसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में विवाद की सूचना पर पुलिस गई थी। दूसरे पक्ष ने युवक काशीराम की पिटाई कर दी थी। जिससे वह घायल होकर बेहोश हो गया था। पुलिस ने दूसरे पक्ष के लोगों पर केस दर्ज कर लिया है।
दो आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। गांव में शांति व्यवस्था के लिए एक दरोगा और आठ पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं। मामले की रिपोर्ट डीजीपी कार्यालय को भी भेज दी गई है।