हिमगिरि कॉलोनी में रहने वाली रिद्धिमा के पिता वन विभाग से जुड़े हैं। रिद्धिमा जब नैनीताल से हरिद्वार आईं थीं, तब यहां लाखों की तादाद में आने वाले कांवड़ियों की भीड़ के मौसम पर पड़ने वाले असर ने उनका ध्यान खींचा।
उन्होंने हरिद्वार की अलग-अलग जगहों पर बारिश की वजह से होने वाली दिक्कतों का भी बारीकी से अध्ययन किया। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रही हरिद्वार की इस बेटी पर सभी को नाज है। स्थानीय लोग भी उनकी उपलब्धियों से बेहद प्रभावित हैं। स्थानीय पार्षद अनिरुद्ध भाटी के मुताबिक, रिद्धिमा अपने पापा और मम्मी के साथ अभी न्यूयॉर्क में हैं।