जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए पहली बार उत्तराखंड में 11 से 13 नवंबर तक जनजाति महोत्सव आयोजित किया जाएगा। ओएनजीसी परिसर कौलागढ़ में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के जनजातीय कलाकार व शिल्पकार भाग लेंगे।
जनजाति शोध संस्थान एवं संग्रहालय के निदेशक एसएस टोलिया ने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड जनजाति शोध संस्थान के सहयोग से प्रदेश में पहली बार जनजाति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प का प्रचार प्रसार किया जाएगा।
महोत्सव में उत्तराखंड की पांच जनजातियां थारू, बुक्सा, जौनसारी, भोटिया व राजी के अलावा अन्य प्रदेशों से जनजातीय कलाकार व शिल्पकार अपने परंपरागत हस्त निर्मित उत्पादों के साथ भाग लेंगे। महोत्सव के माध्यम से जनजातीय हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री के लिए एक मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मुनस्यारी, खटीमा, बाजपुर, जोशीमठ समेत अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के महोत्सव आयोजित किए जाएंगे।