कब क्या हुआ
1- केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय के अधीन संचालित आईडीपीएल फैक्टरी की कुल 833 एकड़ भूमि में से 200 एकड़ भूमि एम्स ऋषिकेश को दिए जाने हेतु वर्ष 2018 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घोषणा की थी।
2- 12 मई 2020 को शासन ने 200 एकड़ भूमि एम्स ऋषिकेश को दिए जाने के संबंध में संस्तुति दी।
3- 12 मई 2020 को तत्कालीन अपर सचिव उत्तराखंड शासन सुभाष चंद्र ने एम्स निदेशक को पत्र लिखकर अवगत कराया कि निदेशक की ओर से 19 फरवरी 2019 को लिखे गए पत्र के अनुक्रम में कहा गया कि डीएफओ देहरादून को निर्देशित किया गया है कि वह भूमि हस्तांतरण की कार्यकारी प्रक्रिया शुरू करें।
4- 15 मार्च 2019 को तत्कालीन पर्यटन, धर्मस्व और संेस्कृति विभाग के सचिव दिलीप जावलकर ने पत्र लिखकर तत्कालीन डीएफओ राजीव धीमान से कार्रवाई के लिए कहा।
5- 7 फरवरी 2023 को संयुक्त सचिव उत्तराखंड शासन श्री कृष्ण सिंह ने जिलाधिकारी देहरादून को पत्र लिखा कि निदेशक एम्स प्रोफेसर मीनू सिंह के पत्र का अवलोकन कर वन विभाग, जिलाधिकारी व अन्य अंशधारकों के साथ विचार-विमर्श कर अपेक्षित कार्रवाई करें।
6- 14 दिसंबर 2023 को केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री व सांसद अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस संबंध में पत्र लिखकर भूमि हस्तांतरण हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित करने को कहा।
विस्तारीकरण योजना में किए जाने वाले कार्य
1- उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र
2- कैंसर सेंटर
3- हार्ट एवं लंग्स सेन्टर
4- ट्रांसप्लांट सेंटर
5- उन्नत नेत्र विज्ञान केंद्र
6- अंतरराष्ट्रीय सिमुलेशन केंद्र
7- फार्मेसी संस्थान
8- दंत चिकित्सा महाविद्यालय
9- कार्डियक सेंटर
10- तंत्रिका विज्ञान केंद्र
11- प्रशासनिक ब्लाॅक
12- एकेडमिक ब्लाॅक
13- पैरा मेडिकल साइंस संस्थान
14- रिसर्च सेंटर
15- माउंटेन मेडिसिन
16- 3000 बिस्तरों का विस्तार आदि शामिल था
एम्स को आईडीपीएल में 200 एकड़ भूमि मिलना प्रस्तावित है। भूमि उपलब्ध होने के बाद कई योजनाओं पर कार्य शुरू होगा। बेड संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इस संबंध में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
- प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक, एम्स ऋषिकेश