कारगिल युद्ध की विजय गाथा भी यहां के सैनिकों और सैन्य अधिकारियों की भूमिका को रेखांकित किए बिना अधूरी ही गिनी जाएगी। कारगिल युद्ध में प्रदेश के 75 जांबाज सैनिक शहीद हुए। जनसंख्या घनत्व के हिसाब से उत्तराखंड से सर्वाधिक युवा सेना में शामिल होते हैं।
उत्तराखंड में 1.75 लाख पूर्व सैनिक और वीर नारियां हैं। उत्तराखंड सामरिक लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी साढ़े तीन सौ किलोमीटर लंबी सीमा चीन से लगती है। प्रदेश के सैन्य महत्व को देखते हुए चार धाम ऑलवेदर रोड और ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन जैसे अहम प्रोजेक्ट गतिमान हैं।
सैन्य सम्मेलन कॉन्क्लेव के जरिये ऐसे तमाम मुद्दों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे। चार मंथन सत्रों के माध्यम से वरिष्ठ सैन्य अधिकारी राष्ट्रीय सुरक्षा, आधुनिकीकरण, सैन्य ट्रेनिंग और पूर्व सैनिक कल्याण जैसे विषयों पर अपने विचार रखेंगे।
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) : देश विदेश के प्रशिक्षुओं को देहरादून स्थित इस अकादमी में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें भी उत्तराखंड के पास आउट युवाओं का दबदबा रहता है। इसके अलावा भीमताल में घोड़ाखाल में सैनिक स्कूल और देहरादून में राष्ट्रीय इंडियन मिलेट्री कालेज स्थित है।
सैनिक कल्याण की दिशा में उठाए कदम
- अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली राशि देश में सर्वाधिक
- सैनिकों को गृहकर और स्टांप ड्यूटी में छूट
- दिव्यांग पूर्व सैनिकों के लिए अनुदान योजना
- सैन्य और अर्द्ध सैन्य बलों में शामिल होने वाले युवाओं को अनुदान
- पूर्व सैनिकों के लिए सरकारी सेवा में आरक्षण
- उपनल के माध्यम से विभिन्न सेवाओं में नौकरी
- सूबेदार मेजर दरवान सिंह, विक्टोरिया क्रॉस
- आनरेरी कैप्टन गजे सिंह घले, विक्टोरिया क्रॉस
- राइफल मैन गबर सिंह, विक्टोरिया क्रॉस (मरणोपरांत)
- लेफ्टिनेंट कर्नल डीएस थापा, परमवीर (चक्र)
- नायक भवानी दत्त जोशी, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
- कप्तान उमेद सिंह, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
- हवलदार गजेंद्र सिंह बिष्ट, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
- हवलदार बहादुर सिंह बोहरा, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
- नायक मोहन नाथ गोस्वामी, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
स्वतंत्रता से पूर्व वीरता पदक
विक्टोरिया क्रास 03
मिलिट्री क्रास - 25
इंडियन आर्डर ऑफ मेरिट - 53
इंडियन डिस्टिंग्विस्ड सर्विस मेडल - 89
मिलिट्री मेडल - 44
मैंशन इन डिस्पैच - 150
1947 से अब तक
परमवीर चक्र - 01
अशोक चक्र - 06
महावीर चक्र - 13
कीर्ति चक्र -29
वीर चक्र 100
शौर्य चक्र 169
सेना मेडल - 745