कांग्रेस में कर्मठ कार्यकर्ताओं की जरूरत नहीं
55 साल तक कांग्रेस की सेवा करने वाले अग्रवाल ने बताया कि कैसे पुरानी कांग्रेस अब एक पारिवारिक जागीर में तब्दील हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज की कांग्रेस में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की कोई जगह नहीं बची है। शीर्ष नेतृत्व से मिलने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है। वर्ष 2024 में कांग्रेस छोड़ने के पीछे एक कारण ये भी था कि हरीश रावत ने अपने बेटे को टिकट दिलाया। जब हरीश रावत बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे तो मेरे भी घर आए थे लेकिन मैंने साफ कह दिया था कि हरिद्वार या देहरादून के किसी स्थानीय और कर्मठ कार्यकर्ता को मौका मिलना चाहिए।
मोदी और धामी की कार्यक्षमता के कायल
अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें गजब की कार्यक्षमता है। उन्होंने कहा, मैं सीएम धामी से इसलिए प्रभावित हुआ क्योंकि उस नौजवान में क्षमता है, कार्य संस्कृति है और सम्मान देने का भाव है। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को पहचानने की उनकी क्षमता अद्भुत है।