अब यह तय किया गया है कि इस प्रस्ताव की जद में अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी लाया जाए। मसलन आपदा प्रबंधन विभाग में ही बचाव दल बचाव एवं राहत कार्य में अपनी जान जोखिम में डालकर काम को अंजाम देते हैं।
इसी तरह अन्य विभागों के कर्मियों को भी चिह्नित किया जाएगा। वन मंत्री के मुताबिक यह प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। इसके निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। इसके साथ ही यह तय किया गया है कि आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं में भी एकरूपता रखी जाएगी। बता दें कि सरकार शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को 15 लाख की आर्थिक सहायता, सेवा की अवधि तक पूरा वेतन और पेंशन देती है।