खुद को सेहतमंद और साफ-सुथरी आबोहवा के बीच सुबह- शाम की सैर करने वालों के लिए वन अनुसंधान संस्थान परिसर एक बार फिर से खोल दिया गया है। कोरोना संक्रमण को लेकर धीरे-धीरे सामान्य हो रही स्थितियों के बीच संस्थान निदेशक ने सुबह- शाम आने वाले मॉर्निंग वॉकर्स के प्रवेश पर लगाई गई रोक हटा दी है। हालांकि पर्यटकों के प्रवेश पर रोक जारी रहेगी।
संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि जैसे-जैसे स्थितियां और सामान्य होंगी तो पर्यटकों के प्रवेश पर लगाई गई रोक भी हटा दी जाएगी। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए निदेशक ने पर्यटकों के साथ सैर करने के लिए आने वालों पर रोक लगा दी थी। यह पहली बार नहीं है जब पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के संस्थान परिसर में दाखिल होने पर रोक लगाई गई है।
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पिछले दो साल के भीतर जब से कोरोना संकट खड़ा हुआ है एफआरआई संस्थान परिसर को चार बार पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए बंद किया जा चुका है।8 ज्ञात हो कि वन अनुसंधान संस्थान परिसर को देखने के लिए बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के पर्यटक आते हैं और संस्थान के ऐतिहासिक भवन को देखने के साथ ही सैर सपाटा करते हैं। इतना ही नहीं पर्यटकों की भारी आवाजाही के चलते संस्थान पर सर को टिकट के रूप में एक निश्चित आय भी होती है जो परिसर के रखरखाव पर खर्च की जाती है।