अब परीक्षा का तीसरा विवाद पेपर लीक को लेकर है। आरोप लग रहे हैं कि आयोग ने जो परीक्षा कराई है, उसमें पेपर लीक हुआ है। एसआईटी ने इसकी जांच करने के बाद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को रिपोर्ट सौंप दी है।
दो बार जारी हुआ नोटिफिकेशन
फॉरेस्ट गार्ड भर्ती का नोटिफिकेशन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने दो बार जारी किया। पहला नोटिफिकेशन तीन अगस्त 2017 को जारी हुआ। इसके बाद दूसरा नोटिफिकेशन 18 सितंबर 2019 को जारी हुआ था।
इन नियमों पर उठे सवाल तो हुआ बदलाव
- भर्ती के लिए साइंस या एग्रीकल्चर से 12वीं पास का नियम बदलकर सभी 12वीं पास के लिए कर दिया गया।
- भर्ती के पहले नोटिफिकेशन में अनिवार्य आयु सीमा 18 से 24 वर्ष रखी गई थी, जिस पर विरोध होने के बाद इसे 18 से 28 वर्ष कर दिया गया।
- परीक्षा के तहत पहले यह तय किया गया था कि फिजिकल टेस्ट होगा और इसके बाद लिखित परीक्षा होगी। बाद में यह नियम बदल दिया गया। अब पहले लिखित परीक्षा हुई है, जिसके बाद फिजिकल टेस्ट होगा।
- पहले तय किया गया था कि फिजिकल टेस्ट में पुरुष अभ्यर्थी को कंधे पर 10 किलो वजन लेकर 25 किलोमीटर की दौड़ और महिला अभ्यर्थी को कंधे पर पांच किलो वजन लेकर 14 किलोमीटर की दौड़ लगानी है। इसका भी विरोध हो गया। आखिरकार आयोग ने भार उठाने का नियम हटा दिया। अब केवल पुरुष अभ्यर्थी को 25 किलोमीटर दौड़ और महिला अभ्यर्थी को 14 किलोमीटर दौड़ का नियम ही रह गया है।
पिछले चार वर्ष से छात्र एक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यह परीक्षा बहुत मुश्किलों से आयोजित हो पाई थी। इसके बाद भी परीक्षा भ्रष्टाचार में फंसी है। न रिजल्ट आया है और न ही एसआईटी की जांच सार्वजनिक हुई है। अगर व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है तो यह भर्ती रद्द की जाए। एसआईटी जांच रिपोर्ट के आधार पर इसका परिणाम जारी कर देना चाहिए।
- कमलेश भट्ट, अध्यक्ष, उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ