फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा : यूपी तक फैला है नकल गिरोह का नेटवर्क, कई युवक को दिया था झांसा

Fri, 21 Feb 2020 01:15 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की

सार

  • आरोपी मुकेश सैनी ने बिजनौर के कई युवकों को भी दिया था नकल कराने का झांसा
  • बिजनौर और सहारनपुर के कई युवा मंगलौर कोचिंग सेंटर पर करने आते थे कोचिंग
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने का झांसा देने के आरोपी मुकेश सैनी का नेटवर्क उत्तराखंड ही नहीं बल्कि यूपी तक फैला हुआ है। पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी बिजनौर और सहारनपुर के युवकों को भी नकल कराने का झांसा देता था। बिजनौर और सहारनपुर के भी कई युवक उसके मंगलौर में बने कोचिंग सेंटर में कोचिंग करने आते थे।

विज्ञापन

 
आरोपी युवाओं को नकल कराने के साथ ही परीक्षा में पास कराने और नौकरी लगवाने का भी झांसा देता था। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद आरोपी मुकेश सैनी के बारे में एक के बाद एक राज खुल रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुकेश सैनी गिरोह का सरगना है। जिसने कई लोगों को महज युवाओं से बातचीत कर उन्हें फंसाने के काम में लगाया हुआ था।

यह लोग युवाओं से बातचीत करते थे कि मुकेश सैनी की सरकारी महकमों में अच्छी पकड़ है और वह उनकी सरकारी नौकरी भी लगवा सकता है। सूत्रों की मानें कुछ युवाओं को गिरोह के सदस्य ब्लूटूथ से नकल कराकर पास होने का झांसा भी देते थे। इसके बाद मुकेश सैनी खुद कोचिंग सेंटर पर आने वाले युवाओं को अपने जाल में फंसाता था।
विज्ञापन


साथ ही आश्वासन देता था कि वह नकल कराने से लेकर पास कराने और नौकरी लगवाने में मदद करेगा। इसकी ऐवज में वह मेहनताना लेगा। युवा भी उसके जाल में फंसकर लाखों की रकम दे देते थे। अब पुलिस यूपी में भी मामले की जांच कर रही है। साथ ही गिरोह के संपर्क में रहने वाले युवाओं की भी जानकारी जुटा रही है।
 

विज्ञापन

ओएमआर शीट वायरल करने वाले उम्मीदवार पर तीन साल का प्रतिबंध

16 फरवरी को आयोजित फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में ओएमआर शीट सोशल मीडिया पर जारी करने वाले उम्मीदवार जसपाल शर्मा निवासी गांव फतेहपुर विकासनगर पर आयोग ने किसी भी भर्ती परीक्षा में भाग लेने पर तीन साल के प्रतिबंध लगाया है। आयोग की यह कार्रवाई इसलिए भी खास है कि आने वाली भर्ती परीक्षा में कोई भी उम्मीदवार गोपनीयता को भंग न करे।

इससे पहले भी आयोग एलटी टीचर भर्ती और जूनियर इंजीनियर की भर्ती परीक्षा में दो उम्मीदवारों पर प्रतिबंध लगा चुका है। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर परीक्षा केंद्र लक्ष्मण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पथरीबाग को नोटिस भेजा गया है। जिसमें परीक्षा रूम में ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक से लिखित जवाब मांगा कर आयोग को रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए गए हैं। 

2016 और 2018 में भी दर्ज हुआ था केस 

पुलिस ने मामले की छानबीन की तो पता चला कि आरोपी मुकेश सैनी के खिलाफ वर्ष 2016 में एसएससी की परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने मामले में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में केस दर्ज हुआ था। इतना ही नहीं आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस को उस दौरान मुकेश के पास से एक बनियान बरामद हुआ था। जिसमें डिवाइस को फिट किया गया था।

जिसे पहन कर अभ्यर्थी परीक्षा भवन में बैठकर आसानी से नकल कर सकता था। उसके पास से भारी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई थी। एक कार को भी पुलिस ने सीज किया था। जिस पर फर्जी तरीके से सचिवालय प्रशासन के नाम की नेम प्लेट लगी थी। इसके अलावा वर्ष 2018 में मुकेश के खिलाफ एलटी की परीक्षा के पेपर लीक कराने के लिए पैसे लेने के आरोप में केस दर्ज हुआ था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें