शिकायतकर्ता को दिए गए जवाब में यह भी कहा गया है कि नेटवर्क विस्तार एक सतत और लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए कब तक मोबाइल कनेक्टिविटी दी जा सकेगी, इसका निश्चित समय नहीं बताया जा सकता।
इस जवाब से निराश ठाकुर संजय सिंह ने पीएम कार्यालय के ऑनलाइन पोर्टल पर टिप्पणी की है कि जहां एक ओर हमारा सपना चांद पर आशियाना बनाने का है तो वहीं पीएमओ से इस तरह का जवाब आशाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले का दोबारा संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
देहरादून-दिल्ली हाईवे पर मोहंड से डाट काली मंदिर के बीच पड़ने वाले 15 किमी पहाड़ी रास्ते पर मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से यात्रियों को बेहद परेशानी होती है। मोहंड से चढ़ाई शुरू होते ही मोबाइल का नेटवर्क चला जाता है और करीब 15 से 20 किमी बाद डाट काली मंदिर पार करने पर वापस आता है।
पहाड़ी रास्ता होने के कारण यहां कई बार हादसे और बरसात में भूस्खलन के कारण रास्ता बंद हो जाता है तो पुलिस प्रशासन को समय पर सूचना नहीं मिल पाती है। ऐसे में इस क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने की मांग काफी दिनों से उठ रही है।