स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण प्रदेश की पहली स्वाइन फ्लू टेस्टिंग लैब का मामला लटक गया है। विभाग की एक गलती के कारण लोगों को लैब में सैंपल टेस्ट करवाने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। फिलहाल प्रदेश में संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे जा रहे हैं।
बीते वर्ष 19 अक्टूबर को स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज में स्वाइन फ्लू टेस्टिंग लैब का उद्घाटन किया था।
संस्थान ने स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजकर लैब में टेस्टिंग को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। करीब चार माह बाद 16 फरवरी को सरकार ने एनसीडीसी को इस आशय का पत्र भेजा। इसके बाद लैब में सैंपल जांच को मंजूरी मिलने की उम्मीद जगने लगी थी।
गलत पते पर भेज दी चिठ्ठी
वहीं, अब इस मामले में चिट्ठी गलत पते पर भेजे जाने की जानकारी मिल रही है। सूत्रों के अनुसार विभाग ने स्वास्थ्य महानिदेशक, भारत सरकार को पत्र भेजना था लेकिन एनसीडीसी को पत्र भेज दिया गया।
एनसीडीसी के स्तर से लैब को मंजूरी नहीं मिलती है। दूसरी ओर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. कुसुम नरियाल ने कहा कि उन्हें गलत पते पर पत्र भेजे जाने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ तो दोबारा सही पते पर पत्र भेजा जाएगा।