अर्द्घकुंभ मेले का चौथा माघ पूर्णिमा का स्नान सोमवार को सकुशल संपन्न हो गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड समेत कई घाटों पर डुबकी लगाई।
हालांकि इस स्नान में भी अपेक्षा के अनुसार भीड़ नहीं जुटी और पुलिस द्वारा यातायात और सुरक्षा के लिए बनाई गई अतिरिक्त योजना को लागू करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। मेला प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारी पूरे समय स्नान की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते रहे।
सुबह से ही आने लगे श्रद्धालु
माघ पूर्णिमा का स्नान सोमवार की तड़के से ही प्रारंभ हो गया था। श्रद्धालुओं का आना सुबह से शुरू हुआ और दोपहर बाद तक जारी रहा। इस दौरान हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड, सुभाष घाट, अलकनंदा घाट, गऊघाट के अलावा जयराम आश्रम, सर्वानंद घाट से लेकर शहर के मध्य में स्थित ऋषिकुल, प्रेमनगर, विश्वकर्मा और यादव घाट आदि पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया।
पुलिस की ओर से आज भी बीमार, विकलांग और वृद्ध श्रद्धालुओं को घाटों तक ले जाने के लिए ट्राई साइकिल और वाहनों की व्यवस्था की गई थी। मेला आईजी जीएस मर्तोलिया, जिलाधिकारी एचएस चुघ और मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन मेला एसएसपी जगतराम जोशी आदि अधिकारी लगातार मेले की व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
मेला एसपी श्वेता चौबे ने बताया कि यातायात समेत सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रही। हालांकि स्नान के दौरान अधिकतर बाजार खाली रहे। हरियाणा में चल रहे जाट आंदोलन का असर भी स्नान पर पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।