ये पुस्तकें की थीं तैयार
कक्षा पुस्तक
कक्षा एक धगुलि
कक्षा दो हंसुलि
कक्षा तीन छुबकि
कक्षा चार पैजबि
कक्षा पांच झुमकि
गढ़वाली भाषा में तैयार कक्षा एक से पांचवीं तक के पाठ्यक्रम का शिक्षण कार्य कोविड काल के बाद से ही बंद है। शिक्षा विभाग ने बरखा सीरीज विद्यालयों में शुरू की है, जो गढ़वाली के साथ हिंदी भाषा में है। जिससे बच्चों को पढ़ने व समझने में आसानी रहे।
-सावेद आलाम, प्रभारी डीईओ बेसिक
प्रदेश के पहले मातृभाषा पाठ्यक्रम की पुस्तकें रंगीन व चित्रांकन के साथ थीं। मातृभाषा में तैयार इस पाठ्यक्रम को नियमित पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। इसमें सरकार को जो कमियां लगती हैं, उन्हें दूर किया जाए।
- गणेश खुगशाल गणि, गढ़वाली कवि व संयोजक पाठ्यक्रम निर्माण समिति
गढ़वाली पाठ्यक्रम को लेकर सचिव भाषा ने समस्त दस्तावेज मांगे हैं। पाठ्यक्रम को एकेडमिक व संशोधित किए जाने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए मान्यता, परीक्षा सहित अन्य प्रक्रियाओं का खाका तैयार किया जाना है।
- डा. आशीष चौहान, डीएम पौड़ी