उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा प्रदेश के पहले साइबर थाने की शुरूआत हो गई।
बुधवार शाम नगर नियंत्रण कक्ष की बिल्डिंग में प्रदेश के पहले साइबर थाने का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने के खुलने से साइबर तकनीक में अग्रणी राज्यों में प्रदेश का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान में कटौती के बावजूद पुलिस आधुनिकीकरण में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
उद्घाटन के सीएम ने साइबर का अवलोकन किया। इसके बाद सीएम को थाना परिसर में बनाए गए मंच पर बैठाया गया। साथ में गृह मंत्री प्रीतम सिंह, राजपुर क्षेत्र के विधायक राजकुमार, पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू, प्रमुख सचिव गृह एमएच खान भी बैठे थे।
डीआईजी संजय गुंज्याल ने संचालन की कमान संभालते हुए साइबर थाने पर रोशनी डाली। हैरत की बात यह रही कि डीआईजी ने सीएम से संबोधन का अनुरोध नहीं किया। सीएम बिना कुछ बोले ही नीचे आ गए। अलबत्ता पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम को लेकर पुलिस को और निपुण किया जाएगा।
नई तकनीकों के प्रशिक्षण का दौर चलता रहेगा। एडीजी कानून व्यवस्था अनिल कुमार रतूड़ी, एडीजी इंटलीजेंस अशोक कुमार, आईजी जीएन गोस्वामी, अमित सिन्हा, एसटीएफ डीआईजी एपी अंशुमन, एसएसपी पुष्पक ज्योति, सदानंद दाते आदि उपस्थित रहे।
चार घंटे में संवारा गया थाना
बुधवार दुपहर करीब दो बजे मुख्यमंत्री कार्यालय से साइबर थाने के उद्घाटन के लिए शाम छह बजे का समय दिया गया। जानकारी मिलते ही डीजीपी दल बल के साथ साइबर थाने पहुंच गए।
युद्ध स्तर पर काम कराकर चार घंटे में थाने को संवारा गया। फायर बिग्रेड लगाकर पहले परिसर को धोया गया। इसके बाद शिलापट लगाने के साथ परिसर को फूलों से सजाया गया।
सिर्फ गंभीर मामले देखेगा थाना
प्रदेश में आईटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले गंभीर मामलों की ही विवेचना साइबर थाने द्वारा की जाएगी। प्रदेश के दूसरे जिलों में दर्ज होने वाले मुकदमों की विवेचना में थाने से केवल गाइड लाइन दी जाएगी।
इसके लिए थाने में ए, बी और सी टीम का गठन किया गया है। पहले की तरह थानों में आईटी एक्ट से संबंधित मुकदमे दर्ज होते रहेंगे। सरकार और पुलिस मुख्यालय के माध्यम से आने वाले मामलों के ही साइबर थाना विवेचना करेगा।
मुख्यालय को करेंगे रिपोर्ट
साइबर थाना सीधे तौर पर डीआईजी क्राइम के माध्यम से पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट करेगा। डीजीपी बीएस सिद्धू ने बताया कि थाने का प्रभारी डीएसपी स्तर का अधिकारी होगा। जल्द ही तैनाती कर दी गई जाएगी। फिलहाल थाने में 23 कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई, जबकि नियतन 32 पदों का है।
नहीं होगी थाने की अपनी हवालात
साइबर थाने की अपनी हवालात नहीं होगी। पकड़े जाने वाले आरोपियों को कोतवाली की हवालात में रखा जाएगा। साथ ही धरपकड़ में पुलिस की मदद ली जाएगी।
साइबर क्राइम कार्यशाला संपन्न
साइबर क्राइम को लेकर पुलिस लाइन में दो दिन चली कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। प्रदेश भर से आए 125 इंस्पेक्टरों, उप निरीक्षकों और कांस्टेबलों को साइबर क्राइम के नए तरीकों, विवेचनाओं के बारे में टिप्स दिए गए।