हल्द्वानी मेडिकल कालेज में स्थापित होने वाले कैंसर शोध संस्थान में 152 पदों को सृजित करने की मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी। प्रदेश का यह पहला कैंसर शोध संस्थान होगा। इसके लिए केंद्र सरकार भी 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी।
हल्द्वानी मेडिकल कालेज में कैंसर शोध संस्थान खोलने के लिए पहले चरण में 152 विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा स्टाफ के पद सृजित किए जाएंगे। शुक्रवार को मंत्रिमंडल ने इन पदों को सृजित करने की मंजूरी दे दी है। अब स्वास्थ्य विभाग जल्द ही इन पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
हल्द्वानी मेडिकल कालेज में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के साथ ही प्रदेश के लोगों को कैंसर के इलाज की सुविधा मिलेगी। इस संस्थान के खुलने से प्रदेश के लोगों को कैंसर का इलाज कराने के लिए दूसरे क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। संस्थान को खोलने के लिए केंद्र की ओर से दो सौ करोड़ की राशि दी जाएगी। अन्य खर्चों के लिए प्रदेश सरकार बजट उपलब्ध कराएगी।
स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट वर्ष 2010 से शुरू हुआ था जबकि 120 करोड़ रुपये से स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट बनाने की योजना 2014 से शुरू हुई थी। भारत सरकार और राज्य सरकार के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इंस्टीट्यूट में अभी आउटसोर्स से भी 15 से 20 कर्मचारी रखे जाएंगे और 19 विभाग बनेंगे। इनमें सर्जिकल आंकोलाजी, मेडिकल आंकोलाजी, न्यूकलर मेडिसिन और रेडिएशन आंकोलाजी विभाग प्रमुख होंगे। साथ ही नौ बेड के आईसीयू के साथ सौ बेड का अस्पताल बनेगा।
इंस्टीट्यूट में अभी 30 से 40 कैंसर रोगी प्रतिदिन आते हैं। वर्ष 2010 से लगातार कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान में कैंसर रोगियों की संख्या 11 हजार से अधिक है। अभी लगभग आठ हजार रोगियों की रेडियोथैरेपी और तीन हजार रोगियों की कीमोथैरेपी चल रही है।