उत्तराखंड का चालीस हजार करोड़ से ज्यादा का वित्त विधेयक आज राज्यपाल के दरबार पहुंचेगा। अनुमति मिलने के बाद ही इसे विधानसभा पटल पर रखा जाएगा। माना जा रहा है कि विधानसभा में इसे ले जाने की राह में अब कोई मुश्किल खड़ी नहीं होगी।
बीते सप्ताह मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंतिम कोशिश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की। शासन के आला अफसरों की पूरी फौज के साथ मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को राज्य की स्थितियों से अवगत कराया। यह भी कहा कि केंद्र ने जो लेखानुदान पास किया था, वह भी 31 जुलाई को समाप्त हो जाएगा।
ऐसी स्थिति में विकास कार्य थम गए हैं। आपदा का हवाला देते हुए उन्होंने इस दौरान धन की अत्यधिक आवश्यकता बताई। लंबी चर्चा के बाद वित्त मंत्री ने उन्हें सकारात्मक जवाब दिया। इसके बाद से ही बजट पास कराने की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गईं।
इधर, शुक्रवार से तीन दिन तक सचिवालय बंद होने के चलते सोमवार को मुख्य सचिव के यहां अफसरों का तांता लगा रहा। गौरतलब है कि नियमानुसार राज्य के वित्त/धन विधेयक को विधानसभा पटल पर रखने से पूर्व राज्यपाल की अनुमति अनिवार्य रूप से लेनी होती है।
इस क्रम में सारी तैयारियां पूरी करके मंगलवार को वित्त विधेयक राज्यपाल डॉ. केके पाल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। उनकी अनुमति के बाद इसे 21-22 जुलाई को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लगी 12 जुलाई की तारीख भी आएगी। सरकार की नजर इस पर भी रहेगी।
वित्त विधेयक मंगलवार को राज्यपाल के पास भेजा जा रहा है। मंजूरी के बाद इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। यदि राज्यपाल की ओर से कोई आपत्ति जताई जाएगी, तो उस बारे में विचार करके दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
- शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव
Publised By : Nirmala Suyal