उत्तर प्रदेश में बिना किसी बढ़ोतरी के गन्ना मूल्य घोषित होने के बाद उत्तराखंड के किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। सामान्य तौर पर यूपी में गन्ने का भाव घोषित होने के बाद ही उत्तराखंड सरकार गन्ना मूल्य घोषित करती है। अब प्रदेश के गन्ना किसानों की भी नजर सरकार के आदेश पर टिकी है। माना जा रहा है कि दस से 15 दिन में राज्य सरकार गन्ना मूल्य घोषित कर देगी। वहीं, यूपी में रेट नहीं बढ़ने के बीच यहां के किसानों ने 400 रुपये प्रति क्विंटल का भाव घोषित करने की मांग उठाई है।
यूपी के मुकाबले उत्तराखंड में गन्ना मूल्य दो रुपये ज्यादा है। पिछले सत्र में यहां सामान्य प्रजाति का रेट 317 और अगेती प्रजाति का रेट 327 रुपये प्रति क्विंटल था। शुगर मिलों में पेराई सत्र शुरू हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं हो पाया है। वहीं, यूपी सरकार ने बिना किसी बढ़ोतरी के हाल ही में गन्ना मूल्य घोषित कर दिया है। अब यहां के किसानों को भी जल्द ही मूल्य घोषित होने की उम्मीद जगी है।
भाकियू रोड़ गुट के प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ का कहना है कि प्रदेश सरकार गन्ना मूल्य घोषित करने में देरी कर रही है। उनकी मांग है कि महंगाई को देखते हुए गन्ना मूल्य 400 रुपये कुंतल घोषित किया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो किसान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। किसान नेता चौधरी कटार सिंह ने कहा कि बिना मूल्य घोषित किए गन्ने की खरीद अवैध है, लेकिन सरकार जानबूझकर शुगर मिलों को फायदा पहुंचाने की नीयत से हर साल मूल्य घोषित करने में देरी करती है।
भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करना चाहती है तो गन्ना मूल्य 400 से ज्यादा घोषित करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो विरोध किया जाएगा। भाकियू के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान ने कहा कि तीन साल से गन्ने का रेट नहीं बढ़ा है। यदि सरकार वास्तव में किसानों की हितैषी है तो गन्ने का रेट बढ़ाया जाना चाहिए।
उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि गन्ना मूल्य घोषित करने में देेरी कर सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है, जिसे किसी सूरत में बरदाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, इस बाबत किसान आयोग के अध्यक्ष राकेश राजपूत ने कहा कि गन्ना मूल्य निर्धारण समिति की बैठक हो चुकी है। जल्द ही रेट घोषित किए जाएंगे। सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य सरकार के स्तर से घोषित किया जाना है।