उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत की आम पार्टी ने सियासी दलों के भीतर हलचल मचाई हुई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पर पूर्व सीएम ने मंगलवार को सीधा निशाना साधा। सोशल मीडिया पर हरीश रावत ने एक के बाद एक कई पोस्ट डालीं और भट्ट पर व्यक्तिगत तौर पर पर कटाक्ष किए।
अजय भट्ट ने एक दिन पहले कहा था कि मोदी को गरियाने वालों के साथ वह हंसी ठिठोली नहीं कर सकते। अपनी एक पोस्ट में हरीश ने कहा है कि एकांत में तो भट्ट सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से ज्यादा मेरे साथ खिलखिलाकर हंसते हैं। रावत की ‘पोस्ट वार’ सिर्फ अजय भट्ट तक केंद्रित नहीं रही, बल्कि राज्य सरकार, उसके मंत्री मदन कौशिक भी इसकी जद में आए।
स्कूलों में भोजन से पहले गायत्री मंत्र की कोशिश, जिला विकास प्राधिकरण और खाद्यान्न के मामलों में तीखी टिप्पणी करके हरीश रावत ने यह जताने की भी कोशिश की कि आम पार्टी में सीएम के साथ हंसी-ठिठोली का ये मतलब नहीं है कि सरकार पर वह नरम हैं।
अजय भट्ट पर हरीश का वार (सोशल मीडिया पोस्ट)
-अजय भट्ट ज्यू, नाराज साले से, गुस्सा जीजा पर क्यों। सार्वजनिक रूप से आंखें बंदकर मुझको कोसते हो, मगर खैर एकांत में तो मुझसे आप त्रिवेंद्र सिंह रावत से ज्यादा खिलखिलाकर, हंसते हुए मिलते हो।
-हमारे, प्यारे प्यारे अजय भट्ट जी कहते हैं कि घोटालों की जांच रुकेगी नहीं। आखिर आम का क्या वास्ता घोटालों से। फिर भी आपको कुछ घोटाला दिखाई देता है और यदि नाराजगी है, तो जांच कराइए न।
-यदि आम किसी के पेट में कुछ भी गड़बड़ी पैदा कर रहा हो, तो उन लोगों के लिए आंचल का दूध है न। आम की गड़बड़ी को केवल दूध ही ठीक करता है।
-मैने आम, मुंगरी का स्वाद चखने के लिए लोगों को आमंत्रित किया था। कबूतरी जी को मुझसे अधिक कौन जानता है, क्या वो लोग, जो कलाकारों के लिए कुछ सोचते नहीं है। धुमाकोट बस हादसे पर हम सब दुखी हैं।
-वाह, त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार! क्या अब गायत्री का मंत्रोच्चारण हमारे पुरोहितगण नहीं कर रहे हैं। क्या वो संस्कार हममें हमारे पुरोहितगण नहीं डाल रहे हैं कि ये जिम्मेदारी आपने अपने कंधों में उठा ली है।
-मदन कौशिक जी, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों में मकान और अपने ही भूमि उपयोग की अनुमति के लिए जो विकास शुल्क लिया जा रहा है, वह शुल्क नहीं है, जजिया कर है। सरकार का जजिया कर।
-मुझे जगह जगह से शिकायतें आ रही हैं कि अंत्योदय के कार्ड धारकों को भी चीनी नहीं मिल रही है। पहले एपीएल के कार्डधारकों की चीनी काट ली गई और अब अंत्योदय के कार्ड धारकों की भी चीनी काट दी गई है।