हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, नरेंद्र नगर और डोईवाला कस्बों के कूड़ा निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए तीन महीने में जमीन आवंटित करने और डीपीआर बनाने को कहा गया है। कोर्ट का कहना है कि जमीन मिलने के तीन माह के अंदर यहां पर प्लांट स्थापित किया जाए।
ऋषिकेश निवासी आरपी पंवार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ऋषिकेश में मुनिकीरेती से सात सौ मीटर दूरी पर कूड़ा निस्तारित किया जाता है। इससे वहां का कूड़ा गंगा नदी में जाता है। याचिका में कहा कि वहीं पर शैक्षणिक संस्थान भी है। कूड़ा निस्तारण से वहां का वातावरण प्रदूषित रहता है।
याची के मुताबिक सरकार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमावली 2016 का पालन नहीं कर रही है। इस प्रकरण पर सरकार ने हाईकोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर कहा था कि डोईवाला, मुनिकीरेती, नरेंद्र नगर, स्वर्गाश्रम आदि के लिए सामूहिक रूप से एक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने की डीपीआर तैयार की जा रही है।