प्रदेश में यूजेवीएनएल का विद्युत उत्पादन इस बार राज्य के लिए सुकूनदेह बना हुआ है। रोजाना दो करोड़ से 2.2 करोड़ यूनिट उत्पादन राज्य से मिल रहा है। उधर, बरसात में यूपीसीएल ने आपूर्ति की निगरानी और सुचारू रखने के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू की है।
पहली बारिश में यूपीसीएल के लिए भी आपूर्ति की चुनौतियां बढ़ीं हैं। ऋषिकेश समेत कुछ जगहों पर आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि यूपीसीएल का दावा है कि समय रहते समाधान कर दिया गया। यूपीसीएल निदेशक परिचालन एमआर आर्य ने बताया कि वर्तमान में बारिश के बावजूद प्रदेशभर में आपूर्ति सुचारू है।
वॉट्सएप ग्रुप बनाया गया
उधर, निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति की निगरानी के लिए तीन हिस्सों में बांटकर व्यवस्था बनाई गई है। पहला देहरादून व आसपास के क्षेत्रों में आपूर्ति के लिए वॉट्सएप ग्रुप बनाया गया है।
दूसरा चारधाम और हेमकुंड साहिब की बिजली आपूर्ति को लेकर अलग ग्रुप बनाया गया है, जिसमें सभी अपडेट आ रहे हैं। तीसरा अफसरों का ग्रुप है, जिसमें कहीं बड़ा ब्रेकडाउन लेने, उसका कारण और निवारण पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कहीं भी कोई ऐसी समस्या पेश नहीं आई।
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यूजेवीएनएल का उत्पादन दे रहा राहत
यूजेवीएनएल का उत्पादन अभी तक राज्य के लिए राहतजनक है। यूजेवीएनएल के एमडी डॉ. संदीप सिंघल ने बताया कि वर्तमान में सभी पावर हाउस चल रहे हैं। कहीं भी सिल्ट या अन्य किसी कारण से उत्पादन बाधित नहीं है। रोजाना दो से सवा दो करोड़ यूनिट बिजली राज्य को उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में बिजली की मांग करीब 5.5 करोड़ यूनिट चल रही है, जिसके सापेक्ष राज्य व केंद्र से कुल उपलब्धता करीब 4.2 करोड़ यूनिट आ रही है।