छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध बताया
पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है। हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना, नियमित पदों पर सीधी भर्ती करना तथा आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण भी शामिल है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने चिंता व्यक्त की है कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण (वितरण, उत्पादन और टीबीसीबी के जरिए ट्रांसमिशन) गरीब उपभोक्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध है।
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इसलिए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है।