दूसरी ओर, कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान उद्योगों को राहत प्रदान किए जाने के उद्देश्य से बोनस संदाय (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक 2020 के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि नियोजक के पास आवंटनीय अधिशेष उपलब्ध होने की स्थिति में ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान किया जाएगा। इस विधेयक में किए गए प्रावधानों पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असहमति व्यक्त की।
साथ ही वर्तमान में कोविड-19 महामारी जैसी परिस्थितियां विद्यमान न होने व गृह मंत्रालय की ओर से प्रस्तावित विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के बिना विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग को उपलब्ध कराए जाने के कारण विधेयक को आगे बढ़ाया जाना संभव नहीं हो पाया। लिहाजा 2020 का एक्ट वापस लिया जाएगा। इसके बाद केंद्रीय एक्ट के तहत सभी कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान अनिवार्य हो जाएगा।