प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इतने सालों तक सत्ता में रही, लेकिन वन रैंक वन पेंशन के मामले को लेकर झूठ बोलती रही। ये हमारी ही सरकार है जिसने ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की व्यवस्था लागू की। भाजपा सरकार ही है, जो देहरादून में उत्तराखंड के शहीदों के सम्मान में ‘सैन्य धाम’ बना रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अलग उत्तराखंड राज्य बना था, अटल बिहारी वाजपेयी ने आपके सपनों को साकार करने के लिए बड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। उत्तराखंड के लिए सपनें भी हमने मिलकर देखे थे।
जिन्हें आस्था ही नहीं, उन्हें भी अब चारधाम की याद क्यों आ रही
जनसभा के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जब ये सत्ता में थे, तब इनको कभी ‘चारधाम’ की याद नहीं आई। जिन्हें यहां आस्था ही नहीं, उन्हें भी अब चारधाम की याद क्यों आ रही है? क्योंकि, उन्हें ये कुर्सी हासिल करने का रास्ता लग रहा है। जबकि भाजपा के लिए चारधाम और देवभूमि का विकास आस्था, संस्कृति और जनसेवा का विषय है।
कार्यक्रम स्थल में किया परिवर्तन
पूर्व में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम श्रीकोट स्थित खेल स्टेडियम में प्रस्तावित था। लेकिन मैदान तक पहुंचने की दिक्कत और एसएसबी के अस्थायी हेलीपैड से दूरी को देखते हुए कार्यक्रम स्थल में परिवर्तन कर दिया गया। जनसभा एसएसबी हेलीपैड के समीप एनआईटी ग्राउंड में हुई। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल, तीरथ रावत, राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत पहुंचे हैं।
किसान मोर्चा ने किया प्रधानमंत्री के जनपद आगमन के विरोध का एलान
तीन कृषि कानूनों की वापसी के समय किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनपद ऊधमसिंह नगर आगमन के विरोध का एलान किया है। कहा कि आज देश के सैकड़ों किसानों के ट्रैक्टर दिल्ली में खड़े हैं, जिन्हे रिलीज नहीं किया जा रहा है।
बुधवार को बरेली रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में संयुक्त किसान मोर्चा के तराई किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष सलविन्दर सिंह, राष्ट्रीय सिख संगत के जिलाध्यक्ष संतोख सिंह रंधावा व भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कुमाऊंमंडल अध्यक्ष प्रभजोत सिंह ने प्रधानमंत्री के जनपद आगमन का विरोध करने की घोषणा की। कहा कि 13 महीने के आंदोलन के बाद जिस समय कानून वापस लेने की घोषणा प्रधानमंत्री ने की तो एमएसपी लागू करने, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने समेत कई वादे किए गए थे, जो अभी तक पूरे नहीं हुए।
कहा कि भाजपा शासन में जनपद की गदरपुर और सितारगंज चीनी मिलें बंद हुईं, उन्हें चालू करने की ओर कोई कदम नहीं उठाया गया। चेतावनी दी कि इन मुद्दों पर संयुक्त किसान मोर्चा प्रधानमंत्री का विरोध करेगा। इस बारे में मोर्चा की पूरी रणनीति दो दिन में घोषित की जाएगी।