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उत्तराखंड: लालकुआं में आमने-सामने की जंग में कठिन बनी डगर, हरीश रावत की वहज से रोचक मुकाबला

Thu, 10 Feb 2022 12:41 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, लालकुआं (नैनीताल)

सार

लालकुआं सीट तब चर्चा में आई जब कांग्रेस ने यहां से घोषित प्रत्याशी संध्या डालाकोटी का टिकट काटकर रामनगर से घोषित प्रत्याशी पूर्व सीएम हरीश रावत को यहां से चुनाव लड़ने के लिए भेज दिया।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लालकुआं से मैदान में उतरने से यह सीट राजनीतिक फलक पर चर्चा में है। सभी की निगाहें इस सीट पर लगी हुई हैं। यहां रोचक मुकाबले के आसार बन रहे हैं।

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हालांकि दोनों ही दल एक-एक बागी की बगावत से जूझ रहे हैं लेकिन चुनावी समर में दो लड़ाकों में सीधी जंग दिख रही है। भाबर में चोरगलिया से लेकर बिंदुखत्ता तक फैली इस सीट की भौगोलिक संरचना भले ही जटिल न हो है मगर इस चुनाव में यहां का सियासी गणित दो दलों में उलझा हुआ है। राजनीतिक पंडित भी मुकाबला आमने-सामने का मान रहे हैं। 

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लालकुआं सीट तब चर्चा में आई जब कांग्रेस ने यहां से घोषित प्रत्याशी संध्या डालाकोटी का टिकट काटकर रामनगर से घोषित प्रत्याशी पूर्व सीएम हरीश रावत को यहां से चुनाव लड़ने के लिए भेज दिया। संध्या ने बागी होकर निर्दलीय ताल ठोकी है। पार्टी से जुड़े सूत्र डैमेज कंट्रोल की कोशिशें परवान न चढ़ने के लिए अंदरूनी सियासत को जिम्मेदार बता रहे हैं। भाजपा ने जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन सिंह बिष्ट को कुछ दिन पहले पार्टी में शामिल कराकर टिकट दिया है। उनके सामने लालकुआं के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पवन चौहान ने ताल ठोकी है।

भाजपा प्रत्याशी मोहन सिंह बिष्ट सुलभता और स्थानीय फैक्टर को आगे कर वोट मांग रहे हैं। वह बाहरी और स्थानीय फैक्टर को सामने रख रहे हैं। हालांकि प्रचार में बड़े नेताओं का मूवमेंट अपेक्षाकृत कम दिख रहा है। इसका कारण यह भी है कि इस सीट से पार्टी से जुड़े कई लोगों ने दावेदारी की थी, जो अंदरखाने नाराज बताए जा रहे हैं। टिकट से वंचित पार्टी विधायक नवीन दुम्का भी अधिक सक्रिय नहीं दिख रहे हैं।

भाजपा जहां मजबूत संगठन और कैडर वोट के भरोसे चुनाव मैदान में है वहीं कांग्रेसी हरीश रावत को सीएम चेहरा बताकर वोटरों तक जा रहे हैं। सियासत के इस महारथी को चक्रव्यूह में फंसाने के लिए भाजपा पूरी घेराबंदी कर रही है। हरीश रावत लगातर भाजपा से नेताओं को तोड़कर पार्टी में जोड़ रहे हैं। हाल ही में हल्द्वानी की ब्लॉक प्रमुख रूपा देवी, कुछ प्रधानों और एक मंडल अध्यक्ष को कांग्रेस में शामिल किया गया है। बाहरी और स्थानीय फैक्टर को दूर करने के लिए हरीश रावत इस बार ज्यादातर समय लालकुआं को ही दे रहे हैं। दूसरे जिलों में सभा करने के बावजूद वह रात में लालकुआं ही पहुंच रहे हैं। उधर, कांग्रेस की बागी संध्या डालाकोटी मातृशक्ति के अपमान को मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में हैं। उनका कहना कि टिकट काटना बड़ा अपमान हैं। भाजपा के बागी पवन चौहान को लालकुआं के शहरी वोटरों पर पूरा भरोसा है। 

जनता का मूड
तीनपानी बाईपास निवासी कारोबारी महेश गोस्वामी कहते हैं कि चेहरा कोई भी हो उन्हें फर्क नहीं पड़ता। यहां पार्टी के नाम पर वोट पड़ते हैं। बरेली रोड के पंकज कहते हैं कि लड़ाई अभी फंसी हुई है। चोरगलिया के खष्टी दत्त जोशी का कहना है कि सड़कों पर काम नहीं हुआ। महंगाई चरम पर है। हमें विकास चाहिए। हल्दूचौड़ के रमेश सिंह कहते हैं कि महंगाई इस बार प्रमुख चुनावी मुद्दा है। हल्दूचौड़ के हरीश चंद्र कहते हैं कि यहां पल-पल में चुनावी समीकरण बदल रहे हैं। किसकी कब हवा हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। लालकुआं के नरेश कहते हैं कि लालकुआं में बस अड्डा और स्पोर्ट्स स्टेडियम की बात प्रत्याशियों को करनी चाहिए। 

संक्षिप्त इतिहास
2002 और 2007 में लालकुआं को धारी विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था। 2012 में अस्तित्व में आई लालकुआं सीट पर एक बार भाजपा और एक बार निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस को यहां खाता खोलने का इंतजार है। 2012 में कांग्रेस छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़े हरीशचंद्र दुर्गापाल ने यहां 25 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी। 2017 में भाजपा के नवीन दुम्का ने कांग्रेस के हरीश चंद्र दुर्गापाल को 27 हजार से अधिक वोटों से हराया था। 

मतदाता
कुल 120392
पुरुष 62860
महिला 57532

13 प्रत्याशी हैं मैदान में
हरीश रावत:कांग्रेस
मोहन बिष्ट: भाजपा
चंद्रशेखर पांडे: आम आदमी पार्टी
पृथ्वी पाल रावत: बसपा
मनोज पांडे: सपा
बहादुर सिंह जंगी: भाकपा माले
राम सिंह: रिपब्लिकन पार्टी
वीरेंद्रपुरी महाराज: उत्तराखण्ड देव भूमि पार्टी
यशपाल आर्या: निर्दलीय
संध्या डालाकोटी: निर्दलीय
पवन चौहान : निर्दलीय
नवीन पंत नाभादास: निर्दलीय
कुंदन मेहता: निर्दलीय

स्थानीय मुद्दे
सबसे बड़े गांव बिदुखत्ता को गांव का दर्जा नहीं मिलना। लालकुआं में मालिकाना हक का मुद्दा। लालकुआं में बाईपास और स्पोर्ट्स स्टेडियम का न होना। हल्दूचौड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव। गौलापार में जंगली जानवरों से लोग परेशान। आईएसबीटी, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, चिड़ियाघर का निर्माण।

कहां कितने वोट
चोरगलिया- 6705
गौलापार- 16768
बरेली रोड- 44323
लालकुआं- 17292
बिंदुखता- 3714
सर्विस वोटर- 1077

वोटों का गणित
कुमाऊंनी 75 प्रतिशत
गढ़वाली 04 प्रतिशत 
मैदानी 10 प्रतिशत
मुस्लिम 07 प्रतिशत 
वैश्य और पंजाबी 02 प्रतिशत

जातिगत आंकड़ा
ब्राह्मण 33 प्रतिशत
क्षत्रीय 09  प्रतिशत 
अनुसूचित जाति 09 प्रतिशत
ओबीसी 06 प्रतिशत

प्रत्याशियों की बात
बाहरी प्रत्याशी को जनता क्यों पसंद करेगी। जिस चेहरे को सीएम के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है उसकी क्या गारंटी कि वह जनता के लिए सुलभ हो। भाजपा का पूरा संगठन मेरे साथ है। हम जीत की ओर बढ़ रहे हैं।

- मोहन सिंह बिष्ट भाजपा प्रत्याशी

भाजपा के गढ़ ढह रहे हैं। लोग कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। भाजपा के खेमे में निराशा है। जब अजय भट्ट नैनीताल से नरेंद्र मोदी बनारस से चुनाव लड़ सकते हैं तो हरीश रावत लालकुआं से क्यों नहीं लड़ सकता। जनता इस बार परिवर्तन का मन बना चुकी है।

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-हरीश रावत, कांग्रेस प्रत्याशी

कांग्रेस ने नारी शक्ति का अपमान किया है। टिकट देकर वापस लेना क्या सही फैसला था। महिलाएं और युवा लगातार मेरे साथ जुड़ रहे हैं। हम विकास के मु्द्दे पर चुनाव में उतरे हैं।

-संध्या डालाकोटी, निर्दलीय

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