जनसभा में उन्होंने जनता से अपील की कि वह आने वाले दिनों में कोई गलत फैसला न ले। शाह ने कहा कि हम लोग विकास को मानते हैं। गरीबों का दर्द जानते हैं। क्योंकि हमारे नेता चाय बेचने वाले परिवार में पैदा हुए। उन्होंने अपील की कि मोदी पर विश्वास करें और धामी को मौका दें। हम उत्तराखंड को बदल देंगे। शाह ने जनसभा में बड़ी संख्या में आई महिलाओं से समर्थन और आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कहा कि घर में 50 से 75 रुपये की मटकी खरीदने में टकोरा (ठोकना-बजाना) लगाते हो कि कच्ची है या पक्की। प्रदेश में पांच साल के लिए सरकार बनानी है, जरा टकोरा ढंग से लगा देना। रांग नंबर डायल न हो। वरना फिर से वे आरोपों की राजनीति करेंगे और काम कुछ नहीं करेंगे और भ्रष्टाचार की बयार आ जाएगी।
कांग्रेस वालों के लिए इलेक्शन सीजन, नए कपड़े सिला देते हैं
केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया। कहा, जब इलेक्शन आता है तब इनका सीजन आ जाता है। पूरे नए कपड़े सिला देते हैं। पांच साल तक कहां रहे, कोरोना में कहां थे, कोई हिसाब-किताब नहीं। जब इलेक्शन आता है तो अलग-अलग मुद्दों पर धरना, प्रदर्शन प्रेस कांफ्रेंस। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की पर्याय है, वह उत्तराखंड का भला नहीं कर सकती।
उत्तराखंड युवाओं पर गोली किसने चलाई?
शाह ने उत्तराखंड आंदोलन में युवाओं के योगदान को याद किया। साथ ही कहा कि उत्तराखंड के युवाओं पर गोली किसने चलाई। जरा याद करिएगा। जब चुनाव में आया था कि मैंने कहा था, अटल जी ने उत्तराखंड को बनाया है मोदी जी इसको संवारेंगे। साढ़े चार साल बाद आया हूं कि उत्तराखंड का चहुमुंखी विकास हुआ है। अभी भी उत्तराखंड में जो कुछ भी काम बचा है, हमारे युवा मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में इसे पूरा करने के लिए भाजपा कटिबद्ध है। इस बारे में हम कभी पीछे नहीं रहेंगे।
देश के लिए मॉडल बन सकता है उत्तराखंड
शाह ने कहा कि प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी का कंप्यूटराइजेशन करने का काम उत्तराखंड में पूरा हो गया। जब कंप्यूटराइजेशन होता है तो पैक्स के सदस्यों को घपले-घोटालों का सामना नहीं करना पड़ता। मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार भी एक कार्ययोजना बना रही है। जिसके तहत देश भर के पैक्स प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी का कंप्यूटराइज कर जिला, स्टेट और नाबार्ड से जोड़ने का प्रयास करेंगे। उत्तराखंड ने इसका जो साफ्टवेयर बनाया है, वह देश के लिए मॉडल बन सकता है।
कांग्रेस ने सहकारिता आंदोलन को क्षीण कर दिया
शाह ने कांग्रेस पर सहकारिता आंदोलन को क्षीण करने का आरोप गया। सहकारी संस्थाओं के ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के बगैर सहकारिता बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। इसलिए ट्रैनिंग संस्थान का बहुत फायदा होगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने घोषणा पत्र जारी किया था, उसके 85 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए। उन्होंने हरीश रावत को चुनौती दी कि कांग्रेस सरकार के घोषणा पत्र की सूची बना दो, वह युवा मोर्चा के अध्यक्ष को भेजते हैं। देहरादून के चौराहे पर चर्चा के दो-दो हाथ एक बार हो जाए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि वह राजनीतिक रूप से सत्ता हथिया कर उसका उपभोग करने वाली पार्टी है। उसने कभी भी किसी लोक कल्याण का काम नहीं करती।
रावत साहब अपना स्टिंग देखकर आ जाइये
शाह ने रावत को स्टिंग आपरेशन देखकर आने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि रावत साहब बड़ी बड़ी आवाज से पुष्कर धामी पर सवाल करते हैं। अपना स्टिंग आपरेशन देखकर आ जाइये कि आपको मालूम चलेगा कि आपको बोलना चाहिए या नहीं बोलना चाहिए। कांग्रेस पार्टी कभी भी उत्तराखंड का भला नहीं कर सकती।
योजनाएं गिनाई, कहा 85 हजार करोड़ का निवेश किया
शाह ने चारधाम आलवेदर रोड से लेकर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना समेत सड़कों, जल विद्युत परियोजनाओं का जिक्र किया और कहा कि केंद्र सरकार ने पांच साल में 85 करोड़ रुपये के निवेश किया। कोरोना से बचाने का काम किया। बोले कि शत-प्रतिशत टीकाकरण सबसे पहले हुआ उन राज्यों में उत्तराखंड है। कहा कि तीसरी लहर आई नहीं, बदरी विशाल की कृपा से आती तो सारी तैयारी हमारी सरकार ने कर रखी थी। हाल में आई आपदा में धामी सरकार के कार्यों को सराहा। केदारनाथ और बदरीनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों का जिक्र किया।
10 साल की सरकार में क्या कर या, इसका हिसाब दे दो
उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह बताए कि उसकी सरकार ने 10 साल के अंदर उत्तराखंड के लिए क्या किया। इसका हिसाब जरा देवभूमि की जनता दे दीजिए। उन्होंने कहा कि हमने 85 हजार करोड़ के काम किए है। सब पर काम चल रहा है। इसके आधे भी 10 साल में गिना गिना दो।
राहुल बाबा के यहां फोटो खिचाएंगे, ट्वीट कर मान लेंगे भला हो गया
शाह ने कांग्रेस नेताओं पर तंज किया कि वे विसा के काम नहीं गिनाएंगे। वे यहां से राहुल बाबा के यहां जाएंगे, फोटो खिचाएंगे, और ट्वीट कर मान लेंगे कि उत्तराखंड का भला हो गया। उन्होंने कहा कि ये लोग कभी उत्तराखंड भला नहीं कर सकते। केवल और केवल मोदी और धामी के नेतृत्व में भाजपा ही उत्तराखंड का भला कर सकती है।
भाजपा ने दिया वन रैंक वन पेंशन
सैनिक बहुल उत्तराखंड में शाह वन रैंक वन पेंशन योजना का जिक्र करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का बार-बार जिक्र किया कहा कि जब वन रैंक वन पेंशन की बात हुई। 70 साल राज करने वाली कांग्रेस ने वन रैंक वन पेंशन बात भी नहीं की। आपने भाजपा को पांचों सीटें जिताई। मोदी को पीएम बनाया। एक ही झटके में 2016 में वन रैंक वन पेंशन दी।
ये प्रमुख नेता रहे मौजूद
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह, विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, सांसद दुष्यंत कुमार, लॉकेट चटर्जी, रेखा वर्मा, समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री, पार्टी के पदाधिकारी कार्यक्रम में रहे।
प्रदेश सरकार चुनावी वर्ष में राज्य की 70 प्रतिशत से अधिक की आबादी को मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना से लुभाएगी। राज्य की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी की आजीविका का प्रमुख स्रोत कृषि एवं पशुपालन आदि है। दुधारू पशु प्रजातियों का 80 प्रतिशत से ज्यादा स्वामित्व सीमांत एवं छोटे किसानों के पास है।
ऐसे में मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के जरिए प्रदेश सरकार जहां दुग्ध व्यवसाय से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के सिर का बोझ कम करना चाहती है, वहीं परियोजना के तहत हरे मक्का का उत्पादन कर सायलेज निर्माण से लोगों को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। फिलहाल योजना चार पर्वतीय जिलों पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और चंपावत में संचालित की जाएगी, इसके बाद अन्य जिलों में भी योजना शुरू की जाएगी।
दूसरे राज्य भी अपना सकते हैं उत्तराखंड का मॉडल
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 670 पैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का उद्घाटन करते कहा कि देश में बहुत कम राज्य हैं, जिसने यह काम पूरा किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार भी एक कार्ययोजना बना रही है। जिसके तहत देशभर के पैक्स प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी का कंप्यूटराइज कर जिला, स्टेट और नाबार्ड से जोड़ने का प्रयास करेंगे। योजना का साफ्टवेयर बनाना था। संभव है कि उत्तराखंड का मॉडल दूसरे राज्य भी अपनाएं। 650 पैक्स समितियों के सहकारी बैंकों के जिला मुख्यालय और 300 अन्य बैंक शाखाओं में कंप्यूटरीकरण से अब काम आसान होगा। पारदर्शिता आएगी इसका लाभ स्थानीय लाभार्थियों को मिलेगा।
सहकारिता की गंगाजल अमृत योजना के तहत घर-घर पहुंचेगा अमृतजल
शाह ने तीसरी जिस महत्वपूर्ण योजना का शुभारंभ किया, उसका नाम है- गंगाजल अमृत योजना। जिसके तहत सहकारिता के माध्यम से गंगाजल को देश-विदेश में घर-घर पहुंचाया जा सकेगा। मिट्टी से निर्मित पात्र ‘गंगाजली’ में गंगाजल होगा। सहकारिता विभाग के अंतर्गत प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन का एक महत्वाकांक्षी उत्पाद है, जिसे देवप्रयाग में तैयार किया जा रहा है। इसमें भागीरथी एवं अलकनंदा के संगम स्थल देवप्रयाग में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ब्रह्ममुहूर्त में गंगाजल निकाला जाता है। इसके बाद इसे मिट्टी के कलशों में पैक किया जाता है।
ट्रेनिंग सेंटर से सहकारिता में आएगी क्रांति
सहकारिता मंत्रालय भी देख रहे अमित शाह ने शनिवार को देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र के सिगनीवाला में बनने वाले सहकारिता ट्रेनिंग सेंटर का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। इस संबंध में प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि ट्रेनिंग के बगैर सहकारिता को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। इसलिए ट्रेनिंग संस्थान का बहुत फायदा होगा। इसके लिए प्रेमनगर क्षेत्र के सिगनीवाला में करीब 35 बीघा भूमि पर सेंटर का निर्माण किया जाएगा।