उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के लिए हुआ चुनावी संग्राम पिछले चार चुनावों से कई मायनों में जुदा रहा। चुनाव में आए नेताओं ने खूब बदजुबानी की तो एक-दूसरे को प्रचार युद्ध में पछाड़ने के लिए ध्रुवीकरण के तीर छोड़े। चुनाव से ऐन पहले धर्मनगरी हरिद्वार से धर्म संसद के विवादों का जिन्न बोतल से बाहर निकला।
जैसे-जैसे चुनाव निर्णायक दौर में पहुंचा भाजपा ने तुष्टिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस को असहज करने की कोशिश की। कांग्रेस ने तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलने को लेकर बनाए गए तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा मुद्दे से भाजपा को घेरने का प्रयास किया। कांग्रेस रणनीतिक तरीके से धार्मिक ध्रुवीकरण के मुद्दे से कन्नी काटती नजर आई। ऐसे कई और मुद्दे रहे जिनकी वजह से 2022 के चुनाव याद रखा जाएगा। अमर उजाला ने ऐसे चुनावी मुद्दों और घटनाओं की पड़ताल की। पेश है
ये रिपोर्ट: भाजपा ने आखिर में चला ध्रुवीकरण का दांव
कोविड प्रोटोकॉल की बंदिशों से चुनाव जैसे-जैसे मुक्त होता गया, राजनीतिक दलों का प्रचार में भी आक्रामकता नजर आने लगी। वर्चुअल रैलियां, फिजिकल सभाओं में बदली और सियासी नेताओं की जुबान से नारों, मुद्दों और बयानों के तीर छूटने लगे। भाजपा ने आखिर में ध्रुवीकरण का दांव चला।
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मुस्लिम विवि के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, अमित शाह से लेकर पार्टी का शायद ही कोई केंद्रीय और प्रांतीय नेता रहा जिसने कांग्रेस को असहज करने की कोशिश नहीं की। लव जिहाद से लेकर लैंड जिहाद, हिजाब और आखिर में सीएम धामी का समान नागरिक संहिता का मुद्दा ध्रुवीकरण की सियासत का आखिरी दांव माना गया।
कांग्रेस काटती रही कन्नी, तीन तिगाड़ा को बनाया हथियार
कांग्रेस रणनीतिक तरीके से इस मुद्दे से कन्नी काटती दिखी। पार्टी के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत का बयान आया कि वह भाजपा की पिच पर नहीं खलेंगे बल्कि बेरोजगारी, महंगाई और अर्थव्यवस्था से जुड़े चुनावी मुद्दों की बात करेंगे। तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे को कांग्रेस ने अपने चुनाव अभियान का सबसे धारदार हथियार बनाया। पार्टी ने तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा नारे और गाने से भाजपा को असहज करने की कोशिश की।
थीम सांग्स की आई बाढ़, जुबिन ने भी गाए चुनावी गीत
2022 का विधानसभा चुनाव सियासी दलों और प्रत्याशियों के बनाए गए थीम सांग्स के लिए भी याद किया जाएगा। भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी ने ही थीम सांग्स नहीं बनाए बल्कि प्रत्याशियों के समर्थन में भी सोशल मीडिया और प्रचार में जमकर गाने बजाए गए। मखमली आवाज के जादूगर जुबिन नौटियाल ने भी पार्टी के थीम सांग गाया और प्रधानमंत्री की कविता को आवाज दी।