उधर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी हरीश रावत का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा। किशोर का कहना है कि वर्ष 2017 का चुनाव हम क्यों हारे, आज तक इसकी समीक्षा नहीं हुई है।
मैं तो सीधा-साधा आदमी हूं...
अब जब 2022 का चुनाव सामने है तो उसकी विवेचना होनी चाहिए। मैं तो सीधा-साधा आदमी हूं, उस हार का ठिकरा मेरे सिर फोड़ दिया गया।
कभी हरीश रावत के होते थे खास
पार्टी के दो ध्रुव प्रीतम सिंह और किशोर उपाध्याय एक दौर में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खेमे के प्रमुख नेताओं में से थे। लेकिन वर्तमान में प्रीतम पार्टी के एक नए ध्रुव हैं। इसी तरह प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद किशोर उपाध्याय भी पार्टी में एक ध्रुव माने जाते हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि समय के साथ ये दोनों नेता हरीश रावत से दूर होते चले गए।