चुनाव आयोग ने प्रदेश में इस बार 156 मॉडल बूथ बनाए हैं, जिन पर सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन 156 में से सर्वाधिक 24 बूथ हरिद्वार जिले में हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी में छह, चमोली में छह, रुद्रप्रयाग में पांच, टिहरी में 12, देहरादून में 23, पौउ़ी में दस, पिथौरागढ़ में आठ, बागेश्वर में पांच, अल्मोड़ा में 15, चंपावत में पांच और नैनीताल में 17 बूथ शामिल हैं।
वहीं, प्रदेश में इस बार 101 सखी बूथ बनाए गए हैं, जिन पर पोलिंग का पूरा स्टाफ महिलाएं होंगी। इनमें सबसे ज्यादा हरिद्वार में 19, देहरादून के 18 बूथ शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश में इस बार छह दिव्यांग बूथ बनाए गए हैं, जिनमें से देहरादून और हरिद्वार में दो-दो, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर में एक-एक बूथ शामिल हैं। इन बूथों पर पूरा स्टाफ दिव्यांग ही होगा।
दूरस्थ 17 मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियां आज होंगी रवाना
उत्तरकाशी जिले के दूरस्थ 17 मतदान केंद्रों के लिए शुक्रवार (आज) पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। इनमें मोरी ब्लॉक का सबसे दूरस्थ ओसला गांव में स्थित पोलिंग बूथ भी है। जहां तक पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों को 14 किमी का पैदल सफर तय करना पड़ेगा। यहां पहली बार जनपद के दूरस्थ मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियों को मतदान से तीन दिन पहले रवाना करने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत शुक्रवार (आज) दूरस्थ 17 मतदान केंद्रों के लिए 17 पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। प्रत्येक पोलिंग पार्टी में 9 लोग शामिल हैं।
दूरस्थ मतदान केंद्रों में मोरी व पुरोला आदि के सरनौल, दिगाड़ी, किमडार, पौंटी, कलाप, बरी, हडवाडी, सेवा, लिवाड़ी, कासला, राला, फिताड़ी, सिरगा, ओसला, पंवाणी, गगाड़, नुराणु शामिल हैं। इन सभी केंद्रों की सड़क से दूरी 10 से 15 किमी के बीच है, जिन तक पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है कि दूरस्थ मतदान केंद्रों की 17 टीमों की रवानगी के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। शुक्रवार को टीमों को रवाना किया जाएगा।
आज सील हो जाएगी भारत-नेपाल सीमा
चंपावत जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों में 14 फरवरी को संपन्न होने वाले चुनाव के लिए शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा को सील किया जाएगा। इस दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था के मद्देनजर मतदान से पूर्व, मतदान की समाप्ति तक जिले से लगने वाली भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को 72 घंटे के लिए सील किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम विनीत तोमर ने बताया कि 11 फरवरी को शाम छह बजे से सीमा को 72 घंटों के लिए सील किया जाएगा।