उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 14 फरवरी को होगा। शनिवार को चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई है। उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने आगामी विधानसभा चुनाव का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। चुनाव के लिए 21 जनवरी से नामांकन होंगे।
शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव अधिकारी सौजन्या ने आचार संहिता लागू होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार के चुनाव में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव के साथ ही कोविड भी एक बड़ी चुुनौती है, जिससे पार पाने के लिए पूरी गाइड लाइंस तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी से 28 जनवरी तक नामांकन किए जा सकेंगे। नामांकन के लिए भी कोविड के मद्देनजर सख्त गाइड लाइंस का पालन करना होगा। नामांकन की ऑनलाइन व्यवस्था का विकल्प भी दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि 11,647 बूथों पर मतदान होगा। मतदाताओं की संख्या में करीब तीन लाख का इजाफा होने के चलते प्रत्येक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाताओं के मानक में थोड़ा परिवर्तन करते हुए इसे 1250 किया गया है। इसके बाद भी अगर किसी बूथ पर मतदाताओं की संख्या इससे अधिक होगी तो वहां एक सहायक बूथ भी बनाया जाएगा। प्रेस वार्ता में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह, झरना कमठान भी मौजूद रहे।
यह है उत्तराखंड का चुनाव कार्यक्रम
नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि - 21 जनवरी
नामांकन की अंतिम तिथि - 28 जनवरी
नामांकन की छंटनी की तिथि - 29 जनवरी
नाम वापसी की तिथि - 31 जनवरी
मतदान की तिथि - 14 फरवरी
मतगणना की तिथि - 10 मार्च
मंत्रियों की सरकारी सेवाएं थमी
आचार संहिता लागू होते ही सरकार के मंत्रियों और दर्जाधारियों को मिल रही गनर आदि की सुविधाएं हटा दी गई हैं। सरकारी वाहनों के चुनाव प्रचार आदि कार्यों में इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। किसी भी सरकार वाहन को कोई भी प्रत्याशी या पार्टियों से जुड़ा व्यक्ति इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। पब्लिक फंड की कोई भी गाड़ी केवल सरकारी काम में ही प्रयोग में लाई जा सकेगी। सभी जिला चुनाव अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर इस नियम का पालन करते हुए अपनी रिपोर्ट आयोग को भेजनी होगी। इसके अलावा विज्ञापन, सरकारी वेबसाइट से प्रचार को प्रभावित करने वाली तस्वीरें तत्काल हटेंगी। कोई भी नया टेंडर जारी नहीं होगा।
आयोग के सचल दल, मॉनिटरिंग समितियां सक्रिय
चुनाव आचार संहिता लागू होते ही आयोग के सभी सचल दल और चुनाव की निगरानी करने वाली मॉनिटरिंग कमेटियां भी सक्रिय हो गई हैं। इस दौरान शराब, कैश आदि कहीं भी पकड़ा गया तो तत्काल कार्रवाई होगी। इसकी शिकायत सुनने और कार्रवाई के लिए सचिवालय में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसमें सभी प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। ताजा मतदाता सूची के मुताबिक, प्रदेश में 81 लाख 43 हजार 922 मतदाता और 94265 सर्विस वोटर इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पिछले चुनाव में मतदाताओं की संख्या 76 लाख छह हजार 688 थी।
वोटर आईडी के अलावा इन्हें दिखाकर भी डाल सकेंगे वोट
आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक या डाकघर की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई की ओर से जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन अभिलेख, केंद्र या राज्य या सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों की ओर से जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र। इसके लिए शर्त यह है कि वोटर लिस्ट में मतदाता का नाम होना चाहिए। निर्वाचन विभाग ने सभी से अपील की है कि वह अपना नाम वोटर लिस्ट में पहले ही चेक कर लें। अगर नाम शामिल नहीं है तो नामांकन की अंतिम तिथि से पहले हर हाल में नाम जुड़वा लें।
इस तरह कर सकेंगे नियमों के उल्लंघन की शिकायत
सी विजिल एप : इस एप पर आप आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ी कोई भी शिकायत तस्वीर के साथ पोस्ट करेंगे तो 100 मिनट के भीतर चुनाव आयोग की टीम इस पर कार्रवाई करेगी। फिलहाल, आप चुनाव प्रचार सामग्री से जुड़ी शिकायतें भी इस पर भेज सकते हैं।
डायल 1950 : आप अपनी शिकायत इस टोल फ्री नंबर पर कॉल करके भी बता सकते हैं। 24 घंटे के भीतर आपकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की अवैध लेनदेन से लेकर शराब तक की सभी शिकायत आप इस नंबर पर बता सकते हैं।