दिल्ली में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने भी फोन पर हुई बातचीत में ऐसे संकेत दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारों ही इशारों में कई बातों की ओर ध्यान अंकित किया।
हरीश ने कहा सबका लक्ष्य 2022 का विधानसभा चुनाव है। इसके बाद क्या होता है, यह भविष्य के ऊपर छोड़ देना चाहिए। फिलहाल पार्टी की एकता के लिए जरूरी है कि सब लोग अपने-अपने कुछ आग्रहों का त्याग करें। उसमें से जो भी महत्वपूर्ण निकलेगा, उसमें आम राय बनाने में सहमति बनेगी। तभी सामूहिक नेतृत्व की भावना भी परिलक्षित होगी।
पंजाब प्रदेश प्रभारी के नाते हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस के मामले में सुलह पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को ट्वीट कर थैंक्स कहा है। उन्होंने कैप्टन के साथ एक फोटो भी साझा की है। हरीश ने ट्वीट में लिखा मैं अभी-अभी कैप्टन से मिलकर दिल्ली लौटा हूं।
मुझे प्रसन्नता है कि बहुत सारी बातें जो बाहर चर्चा में हैं, वह बिल्कुल निर्मूल साबित हुई हैं और कैप्टन साहब ने फिर से अपने उस महत्वपूर्ण बयान को दोहराया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष, पंजाब के विषय में अध्यक्ष के पद को लेकर जो भी निर्णय करेंगी वह निर्णय उन्हें स्वीकार्य होगा। मैं उनका धन्यवाद करता हूं।